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सिर्फ 7 रुपए में संवर सकता है आपका किचन गार्डन

Brijesh Singh

Publish: Aug 25, 2019 18:05 PM | Updated: Aug 25, 2019 18:05 PM

Samastipur

How Recycle Waste Material: रेलवे स्टेशनों पर कचरे का निस्तारण एक बड़ी समस्या होती है ।समस्तीपुर रेल मंडल अब कचरे से खाद ( Recycle ) बनाकर बेचेगा।

( समस्तीपुर, प्रियरंजन भारती )। समस्तीपुर रेल मंडल के सहरसा सहित पांच रेलवे स्टेशनों के कचरों से खाद बनाया जाएगा।सहरसा, समस्तीपुर, दरभंगा, जयनगर और रक्सौल रेलवे स्टेशनों पर रेलवे गीला कचरा निस्तारण ( Wet waste disposal ) के लिए ऑटोमेटिक कम्पोस्टिंग मशीन ( Automatic Composting Machine ) लगाएगी। रेलवे स्टेशनों पर लग रही मशीनों में गीले कचरे को डालकर चौबीस घंटे तक री-साइकिल किया जाएगा। इन सभी पांच स्टेशनों पर कचरे की रीसाइक्लिंग से 25-25 किलो खाद बनाई जाएगी। इस खाद को रेलवे सात रुपए प्रति किलो की दर से आम लोगों को बेचेगी।

20 लाख की लागत से लगेगी मशीन
समस्तीपुर रेल मंडल के वायुमंडलीय हाउस कीपिंग मैनेजर ( ईएनएचएम ) राजीव कुमार सिंह के मुताबिक बीस लाख रुपयों की लागत से सभी पांच स्टेशनों पर 14 सितंबर से पहले ये मशीनें लगाई जाएंगी। यह काम रेलवे की ओर से पुणे की एजेंसी को दिया गया है। सिंह ने बताया कि मशीन लगाने से स्वच्छता अभियान ( Swachhta Abhiyan ) को नई गति तो मिलेगी ही, साथ ही गीले कचरे का निस्तारण भी समय से हो जाएगा।

थ्री आर का यूज

गौरतलब है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के साथ साथ थ्री आर के सिद्धांत पर काम करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही इस सिद्धृांद को दिया है, जिसके मुताबिक आर का मतलब रिड्यूस, रीयूज एवं रीसाइकल ( Re-Cycle ) है। रिड्यूस में प्लास्टिक पर रोक लगाने और उसकी जगह जूट-कागज के थैले आदि का प्रयोग, रीयूज के तहत किसी वस्तु को फेंकने से पहले उसके दोबारा प्रयोग कर सकने और रिसाइकल के तहत लोहा, एल्युमीनियम, प्लास्टिक, कांच इत्यादि को इकट्ठा कर उसे फिर से री-साइकिल करके यूज में लेने की बात है।

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