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पार्किंग के लिए जगह नहीं इसलिए अब भी सड़कों पर खड़ी हो रहीं हैं स्कूल बस

Sanjay Sharma

Publish: Sep 23, 2019 08:40 AM | Updated: Sep 22, 2019 23:22 PM

Sagar

जगह उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर जिला प्रशासन नहीं गंभीर, इसलिए सड़क सुरक्षा समिति का निर्णय हो रहा बेअसर

 

सागर. सड़क किनारे, खुले मैदानों में अनाधिकृत रूप से खड़ी बसों को हटाने का एक तरफा निर्णय अब प्रशासन और परिवहन अमले के लिए उलझन बन गया है। बसों का स्टैंड के अलावा कहीं भी खड़ा करने की जगह न होने से ऑपरेटर अब भी सड़कों को पार्किंग बनाने के लिए मजबूर हैं। स्कूल बस हों या सूत्र सेवा योजना के तहत चल रही यात्री बस सभी प्रशासन के निर्णय के बावजूद सड़कों पर ही खड़ी नजर आ रही हैं। ऑपरेटर्स द्वारा पार्किंग के लिए जगह उपलब्ध कराने का बदले किराया चुकाने के प्रस्ताव को जिला प्रशासन ठुकरा चुका है। ऐसे में इन वाहनों पर कार्रवाई परिवहन और ट्रैफिक पुलिस को मुश्किल में डाल रही है।

सड़क सुरक्षा समिति ने लिया था निर्णय -

सड़क सुरक्षा समिति ने शहर की सड़कों पर खड़े होने वाली बसों को हटाने का निर्णय लिया था। इसके लिए सड़क किनारे खड़ी स्कूल बसों पर जुर्माने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। समिति के सख्त निर्देश के बाद भी सड़क से स्कूल बसें न हटने का समाचार पत्रिका में प्रकाशित करने के अगले दिन आरटीओ प्रदीप कुमार शर्मा ने आठ बसों के परमिट निलंबित कर दिए थे लेकिन अब फिर हालात जस के तस हैं।

ऑपरेटर मांग रहे पार्किंग के लिए जगह -

सड़क किनारे खड़ी स्कूल बसों पर जुर्माने की कार्रवाई के निर्देश के बाद ऑपरेटर जिला प्रशासन से पार्किंग के लिए जगह उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। ऑपरेटरों का कहना है कि उनके पास एक-दो बस हैं। इस तरह शहर में करीब 70 स्कूल बस ऐसी हैं जिन्हें खड़ा करने के लिए जगह की कमी है शेष बस स्कूल-कॉलेज कैंपस में खड़ी की जाती है। वे जगह के लिए पार्किंग किराया चुकाने तैयार हैं पर खुद अपनी जगह कहां से ले आएं।

प्रशासन-परिवहन अपनी जिद पर अड़ा -

शहर की सड़कों को स्कूल-यात्री बसों से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन एक तरफा निर्णय ले चुका है। कलेक्टर प्रीति मैथिल नायक स्वयं इस संबंध में परिवहन और ट्रैफिक अमले को निर्देश दे चुकी हैं लेकिन पार्किंग के लिए जगह की कमी प्रशासन और ऑपरेटरों के बीच टकराव की स्थिति बना रही है।

सूत्र सेवा बसों का डेरा भी सड़कों पर -

केवल स्कूल बस ही नहीं शहर की सड़कों पर यात्री बसों का भी डेरा रहता है। जबलपुर नगर निगम से अनुबंधित तीन सूत्र सेवा बस सागर से होकर गुजरती हैं। यह बसें सागर में भी रुकती है और कुछ घंटे के बाद गंतव्य की ओर रवाना होती हैं। लेकिन इस अवधि में उन्हें खड़ा करने के लिए कोई जगह निर्धारित नहीं है। इसलिए ये कभी संजय ड्राइव, कभी तिली रोड तो कभी पुराना आरटीओ परिसर के पास खड़ी नजर आती हैं।

यह हो सकता है समाधान -

1.प्रशासन शहर की सीमा में खाली पड़े मैदानों में स्कूल बसों की पाॢकंग के लिए जगह चिन्हित कर किराया निर्धारित कर सकता है।

2. छावनी के मैदान व कुछ सड़कें ऐसी हैं जहां आवागमन अत्यधिक कम हैं यहां पाॢकंग के लिए जिला प्रशासन मध्यस्थता कर सकता है।

वर्जन -
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के बाद सड़क पर बसों की पाॢकंग पर जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। विगत दिवस आठ बसों के परमिट निलंबित किए गए थे। आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी।

प्रदीप कुमार शर्मा, आरटीओ सागर