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तीस हजार हेक्टेयर में हुई गेहूं की बोवनी, तीन हजार टन यूरिया की जरूरत

sachendra tiwari

Publish: Dec 07, 2019 09:15 AM | Updated: Dec 06, 2019 20:46 PM

Sagar

यूरिया की किल्लत के चलते बढ़ी किसानों की चिंता

बीना. इस वर्ष बारिश अच्छी होने के कारण गेहूं का रकबा बढ़ गया है और जल स्रोतों में जलस्तर अच्छा होने के कारण किसान सिंचाई भी कर पा रहे हैं। इसके लिए किसानों को यूरिया की जरूरत सबसे ज्यादा पड़ती है, लेकिन अभी से ही यूरिया की किल्लत ने किसानों को चिंता में डाल दिया है। यदि समय पर यूरिया नहीं मिला तो फसल प्रभावित होने लगेगी।
मिली जानकारी के अनुसार इस वर्ष गेहूं का रकबा करीब 30 हजार हेक्टेयर है और एक हेक्टेयर में एक क्ंिवटल यूरिया की जरूरत पड़ती है। बोवनी के अनुपात से करीब 3 हजार टन यूरिया की किसानों को आवश्यकता है, लेकिन इतना यूरिया सरकारी गोदाम से मिल पाना संभव नहीं है। मजबूरी में किसान बाजार में यूरिया खरीदने पहुंचते हैं, जहां उन्हें महंगे दामों पर यूरिया दिया जा रहा है। क्योंकि गेहूं की फसल में यूरिया की ज्यादा जरूरत पड़ती है, जब भी किसान फसल की सिंचाई करते हैं तब यूरिया का छिड़काव किया जाता है। गेहूं के साथ-साथ सब्जी की कुछ फसलों में यूरिया डाला जाता है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार यूरिया डालने से फसल में ग्रोथ होती है, लेकिन यह सही मात्रा में डाला जाना चाहिए।
725 टन वितरित हो चुका है यूरिया
डबल लॉक गोदाम प्रभारी मनोज साहू ने बताया कि अभी तक करीब 725 टन यूरिया वितरित किया जा चुका है और 40 टन यूरिया गोदाम में शेष बचा है। इसके अलावा करीब 300 टन की मांग और भेजी गई है, जिससे किसानों को परेशान न होना पड़े।
दिनभर रही किसानों की भीड़
शुक्रवार को भी सुबह से ही गोदाम पर किसानों की भीड़ लगी रही। शाम तक किसानों को यूरिया उपलब्ध कराया गया। खाद के लिए लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
गेहूं फसल में यूरिया की ज्यादा जरूरत
गेहूं की फसल के लिए किसानों को यूरिया खाद की जरूरत ज्यादा है। क्षेत्र में इस बार गेहूं का रकबा भी बढ़कर करीब 30 हजार हेक्टेयर पर पहुंच गया है। इसके अनुसार ही मांग बढ़ी है।
राजेश शर्मा, आरएइओ, बीना

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