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उप्र में भी बेचा जा रहा सागर का दूध

Shashikant Dhimole

Publish: Sep 19, 2019 08:00 AM | Updated: Sep 18, 2019 21:54 PM

Sagar

बुन्देलखंड सहकारी दुग्ध संघ की तृतीय साधारण सभा, दूध एवं दुग्ध उत्पादों की शुद्धता एवं गुणवत्ता बढ़ाना है- कमिश्नर

सागर. सागर में उत्पादित हो रहे दूध की बिक्री बुंदेलखंड के अलावा अन्य जिला सहित उत्तर प्रदेश में भी हो रहा है। अब तक प्रतिदिन ३६ हजार लीटर उत्पादन को एक लाख लीटर का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही संभाग के पांच जिलों सागर, टीकमगढ़, दमोह, छतरपुर एवं पन्ना की दुग्ध सहकारी समितियों को सम्मलित कर बुन्देलखंड दुग्ध सहकारी संघ के गठन किया गया है। यह जानकारी बुधवार को बुन्देलखंड सहकारी दुग्ध संघ की तीसरी साधारण सभा की बैठक में दी गई। रवींद्र भवन में आयोजित सभा में संभागायुक्त आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या 539 से बढ़ाकर 1000 करने और प्रतिदिन दुग्ध संकलन 36 हजार से बढ़ाकर एक लाख लीटर की ओर कदम बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों के अध्यक्ष व सचिव समितियों का बेहतर तरीके से संचालन करें।

बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएं दी जाएं
बुन्देलखंड सहकारी दुग्ध संघ के दूध एवं दुग्ध उत्पाद की बिक्री बुन्देलखंड के जिलों के अलावा अशोकनगर, मुगांवली, विदिशा, गंजबासौदा एवं उत्तरप्रदेश के ललितपुर, हमीरपुर, बांदा आदि स्थानों में भी हो रही है। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि पशुपालकों को बेहतर पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएं। समय पर टीकाकरण हो, जिससे बीमारियों का बचाव किया जा सके। साधारण सभा में पूर्व वर्षों की प्रगति रिपोर्ट,जीएसटी सलाहकार की नियुक्ति एवं वैधानिक अंकेक्षण की नियुक्ति का अनुमोदन किया गया।

बुंदेलखंड दुग्ध संघ का गठन

दुग्ध संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि संभाग के सागर जिले की 131, टीकमगढ़ 118, दमोह की 85, पन्ना की 77 एवं छतरपुर की 98 दुग्ध समितियों को बुंदेलखंड दुग्ध संघ में शमिल किया गया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2018-19 में दुग्ध संध को 87 लाख 15 हजार रूपये का आंकलित शुद्ध लाभ हुआ है। राज्य एवं केन्द्र सरकार के सहयोग से एक लाख लीटर की क्षमता का प्लांट नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड से कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष एक नए दुग्ध शीत केन्द्र 5 हजार लीटर क्षमता का शाहगढ़ में प्रारंभ किया जा चुका है। इसी तरह में दो नए शीत केन्द्र दमोह एवं निवाड़ी में बनाए जा रहे हैं। संघ दूध के अलावा लस्सी, नमकीन मठा, सादा मठा, श्रीखंड, घी, मीठा पेड़ा, मिल्क केक, नरियल बर्फी आदि की बिक्री करता है।

बढ़ेगी पार्लरों की संख्या

सभा में बताया गया कि वर्ष 2019-20 में औसत प्रतिदिन 40500 लीटर प्रतिदिन की बिक्री की संभावना है। वर्तमान में कुल दुग्ध पार्लरों की संख्या 48 है। जिसे बढ़ाकर 65 करने की योजना है। साधारण सभा में दुग्ध संघ के संचालकगण विभिन्न जिलों के दुग्ध समितियों के अध्यक्ष व सचिव मौजूद थे।