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प्रायवेट रूम जहां ऑपरेशन के बाद दर्द से कराहती प्रसूताएं भर्ती थीं, उन वार्डों में भरा बारिश का पानी

Aakash Tiwari

Publish: Sep 23, 2019 08:08 AM | Updated: Sep 22, 2019 21:47 PM

Sagar

-जिला अस्पताल प्रबंधन की पानी निकासी व्यवस्था की खुली पोल, ड्रेनेज फैल होने से भर्ती प्रसूताओं को उठानी पड़ी परेशानी।

सागर. रविवार को देर शाम हुई भारी बारिश के कारण जिला अस्पताल के सिविल सर्जन ऑफिस के पास बने सभी ६ वार्डों में पानी भर गया था। नवजात शिशुओं के साथ भर्ती प्रसूताओं और परिजनों को इससे खासी परेशानी हुई। इधर, गायनी विभाग के पास गैलरी में भी पानी भरा रहा। परिजनों के लिए बनी किचिन के अंदर भी बारिश का पानी भर गया था। इधर, तेज बारिश के कारण बिजली भी गुल रही। जनरेटर चालू न होने से मरीज व परिजन अंधरे में बिजली आने का इंतजार करते रहे। बता दें कि यह परेशानी अस्पताल प्रबध्ंान की लापरवाही का नतीजा है। यहां पर लंबे समय से ड्रेनेज फैल है, लेकिन इसके सुधार को लेकर जिम्मेदारों ने कोई ध्यान नहीं दिया है।

-चार्ज एक दिन का ७ सौ रुपए, सुविधाएं कुछ भी नहीं

सीएस ऑफिस के पास बने प्रायवेट वार्ड में भर्ती प्रसूता के पति सचिन चौरसिया ने बताया कि रात में भी तेज बारिश हुई थी। इस कारण से वार्ड के अंदर पानी भर गया था। जहरीले जीवों के डर के कारण रात कुर्सी में बैठकर गुजारना पडी। वहीं यही स्थिति रविवार शाम को निर्मित हुई। उसने बताया कि प्रायवेट वार्ड में २ हजार रुपए एडवांस दिए थे, लेकिन सुविधाएं दोयम दर्जे की मिली है। वहीं, रहली के गोविंद प्रताप सेन ने बताया कि रात भर बिजली गुल रही थी। जनरेटर भी चालू नहीं किए गए थे। पूरी रात अंधेरे में गुजारना पड़ी। वहीं दूसरे दिन शाम को भी ३ घंटे बिजली नहीं थी।

 

ड्रेनेज सिस्टम खराब है। उसकी मरम्मत को लेकर रोगी कल्याण समिति की बैठक में प्रपोजल रखा जाएगा। जल्द ही इसे ठीक करा लिया जाएगा।

डॉ. वीएस तोमर, सिविल सर्जन जिला अस्पताल