स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

बिना पुलिस बल अतिक्रमण हटाने पहुंचे छावनीकर्मियों को लोगों ने लाठियां भांजकर लौटाया

Sanjay Sharma

Publish: Jan 16, 2020 09:00 AM | Updated: Jan 15, 2020 22:52 PM

Sagar

भाजपा-कांग्रेस नेताओं ने अपनी-अपनी तरह किया कार्रवाई का विरोध, चिन्हित अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में सहयोग करने नहीं पहुंची पुलिस

सागर. पुलिस बल के बिना अतिक्रमण हटाने पहुंचना छावनी अमले को बुधवार सुबह भारी पड़ गया। छावनी के अमले और अधिकारियों को देख रहवासी सड़क पर लाठियां लेकर उतर आए। करीब आधे घंटे तक छावनी का अमला पूर्व से चिन्हित अतिक्रमण हटाने के लिए रहवासियों से बात करता रहा लेकिन गुस्साए लोगों ने उसे आगे नहीं बढऩे दिया। इस दौरान कुछ देर तक डीएनसीबी स्कूल के सामने सड़क पर हंगामे और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। लोगों का गुस्सा देख अंत में छावनी अमले को बिना कार्रवाई वापस लौटना पड़ा। कार्रवाई से भड़के जनाक्रोश को लेकर बुधवार दोपहर पार्षद भी अधिकारियों से मुलाकात करने छावनी परिषद पहुंचे। वहीं सदर क्षेत्र में सुबह से शाम तक अतिक्रमण विरोधी मुहिम चर्चाओं में रही। समझा जा रहा है कि गुरुवार को बल और अधिकारी मिलने पर छावनी का अमला फिर अतिक्रमण हटाने सदर पहुंचेगा।

42 अतिक्रमण हैं चिन्हित -

छावनी परिषद द्वारा आवंटित भूमि पर अनाधिकृत निर्माण और सरकारी भूमि पर कब्जा जमाने पर सदर सहित पूरे छावनी क्षेत्र में 42 कब्जों को अतिक्रमण के रूप में चिन्हित किया है। इन सभी अतिक्रमणकारियों को पहले ही छावनी प्रशासन द्वारा नोटिस दिए जा चुके हैं। इसी के तहत बुधवार को छावनी का अतिक्रमण विरोधी दस्ता सदर पहुंचा था। जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई के दौरान छावनी प्रशासन के सहयोग के लिए पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती भी तय की गई थी। लेकिन संक्रांति पर एच्छिक अवकाश की घोषणा के चलते बुधवार को पुलिस और अधिकारी कार्रवाई में सहयोग करने नहीं पहुंचे और अतिक्रमण विरोधी अमला मुश्किल में पड़ गया।

लाठियां दिखाकर लौटाया -

छावनी के अतिक्रमण अमले के साथ जैसे ही उपयंत्री पीके पटेल व अन्य कर्मचारी सदर में पहुंचे वहां तैयार रहवासियों ने उन्हें डीएनसीबी स्कूल के सामने ही रोक दिया। पूर्व सदर मंडल अध्यक्ष श्यामसुंदर मिश्रा, हीरालाल खटीक, सुनील चौकसे जहां रहवासियों के साथ लाठियां लेकर अमले को खदेड़ रहे थे। मिश्रा का कहना था कि इस तरह अतिक्रमण तोडऩे के नाम पर एकपक्षीय कार्रवाई की जा रही है। शौचालय के निर्माण को भी अतिक्रमण बताकर तोडऩे की बात की जा रही है। वहीं कांग्रेस प्रदेश सचिव गुरमीत ङ्क्षसह इल्ले, अवधेश तोमर व शैलेन्द्र तोमर अतिक्रमण के नाम पर लोगों को प्रताडि़त करने पर अधिकारियों से बहस कर रहे थे। इल्ले का कहना था कि चुनाव नजदीक होने से गरीबों को परेशान किया जा रहा है। पहले भी इसी तरह भाजपा पार्षदों के कहने में आकर छावनी प्रशासन ने कई दुकानों को तोड़ दिया था। छावनी की मतदाता सूची से भी लोगों को बाहर किया गया है।

पार्षद भी पहुंचे -

कार्रवाई की खबर लगते ही छावनी उपाध्यक्ष शेखर चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रभुदयाल पटेल, वीरेन्द्र पटेल, मो.जिलानी मकरानी, पूर्व पार्षद हरिओम केशरवानी भी मौके पर पहुंचे। हांलाकि तब तक लोगों के आक्रोश के आगे छावनी की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही ठप हो गई थी। पार्षदों ने छावनी के अधिकारी से बात की वहीं आक्रोशित लोगों को भी समझाया। लोगों का कहना था कि उन्होंने अलग से कोई जमीन नहीं हथियाई है लेकिन अतिक्रमण के नाम पर उनके साथ अनावश्यक पक्षपात किया जा रहा है। इस पर पार्षदों ने गलत कार्रवाई न होने देने का आश्वासन दिया और इस संबंध में चर्चा के लिए छावनी कार्यालय रवाना हो गए।

[MORE_ADVERTISE1]