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hyderabad anconter : चारों आरोपियों के एनकाउंटर के बाद शहर में मनाया जश्र

Reshu Jain

Publish: Dec 07, 2019 05:03 AM | Updated: Dec 06, 2019 19:58 PM

Sagar

 

हैदराबाद रेप केस के चारों आरोपियों के एनकाउंटर पर एनएसयूआई ने पटाखे फोड़कर मनाई खुशियां

 

सागर.हैदराबाद वेटरनरी डॉक्टर रेप केस जिसने एक बार फिर से सारे देश को हिलाकर रख दिया था। डॉक्टर के सामूहिक दुष्कर्म एवं जलाने से सारे देश भर में आक्रोश था। लोग आरोपियों को फांसी देने एवं ऐसी ही किसी सख्त सजा की मांग कर रहे थे। गुरुवार को तेलंगाना पुलिस ने जवाबी कार्यवाही कर चारों आरोपियों का एनकाउंटर कर दिया। शहर में हैदराबाद प्रकरण को लेकर इंसाफ की मांग कर रहे लोगों को एनकाउंटर के बाद सुकून मिला है। खासकर बेटियां काफी खुश नजर आईं और तेलंगाना पुलिस की काफी तारीफ कर रही हैं। लोग अलग-अलग तरह से खुशी का इजहार कर रहे हैं। एनएसयूआईकार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर खुशियां मनाईं।

मिठाई बांटकर जश्र मनाया
एक्सीलेंस गल्र्स डिग्री कॉलेज में फैसेले के बाद छात्राओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर मुंह मिठा कराया। एनएसयूआई नेता सोनिया खान ने कहा कि जो हुआ बहुत अच्छा हुआ जिस प्रकार से देशभर में महिलाओं के ऊपर इस तरह के अपराध बढ़ रहे है यह बहुत चिंता की बात है। इस एनकांटर के बाद अब ऐसा करने वाले अपराधियों के दिलों में खौफ पैदा होगा। छात्र नेता जैद खान,अंकू चौरसिया ने यहां पहुंचर मिठाई बांटी और फटाखे फोड़े।

ये बोली बेटियां

हैदराबाद एनकाउंटर की खबर सुनते ही खुशी मिली। आज डॉक्टर रेड्डी को इंसाफ मिला है, यह पूरे देश के लिए खुशी की बात है। प्रत्येक महिला यह चाहती थी कि ऐसे आरोपियों को फांसी मिले। ऐसे आरोपियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए थी जो आज मिल गई।
कंचन सेन, छात्रा

इस घटना के बाद लोगों में आक्रोश था। आज खुशी की खबर मिली है। रेप के हर आरोपी को ऐसे ही सजा मिलनी चाहिए। ऐसा कानून बनाया जाना चाहिए कोई लड़का बेटियों को नजर उठाकर भी न देख सके।

अभिलाषा सेन, छात्रा

हमारा कानून ऐसा होना चाहिए कि बेटियां हर जगह अपने आप को सुरक्षित महसूस करें। आज जो न्याया मिला है हम खुश हैं। हैदराबाल पुलिस काबिले तारीफ है।
महिमा जैन, छात्रा

हैदराबाद एन्काउंटर ने महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधों को एक बड़ा सबक दिया है। यदि निर्भया से उन्नाव तक पहुंचने से पहले बलात्कार की वारदातें थम जातीं और ऐसे जघन्य अपराध के आरोपियों को जल्दी से जल्दी सजा दी जाती तो हैदराबाद पुलिस की इस कार्यवाही का कोई समर्थन नहीं करता। इस कार्यवाही को समर्थन मिलना जनता के धैर्य के बांध टूटने का संकेत है। और हां, एनकाउंटर का विरोध करने वालों को वारदातों की नृशंसता के ग्राफ को भी याद रखना चाहिए।

डॉ. शरद सिंह, वरिष्ठ लेखिका

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