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ट्रांसपोर्ट नगर की जमीन पर कुटीर की राशि से बन रहे मकान

Abhilash Kumar Tiwari

Publish: Sep 18, 2019 09:13 AM | Updated: Sep 17, 2019 22:03 PM

Sagar

भर्राशाही की हदें पार, सरकारी पैसे ही हो रहा ट्रांसपोर्ट नगर की जमीन पर अतिक्रमण, आसपास ईंट-भट्टा भी फलफूल रहे, अमानवी क्षेत्र का मामला

सागर. कागजों में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए आरक्षित जमीन पर कुटीर की राशि से मकान बनाए जा रहे हैं। शासन से मिल रही राशि से ही शासकीय भूमि पर लोग अतिक्रमण किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि कुटीर की राशि जारी करने के बाद संबंधित अधिकारी इस बात की भी पतासाजी नहीं कर रहे हैं कि कौन व्यक्ति कहां पर निर्माण कार्य शुरू कर रहा है। इधर नगर निगम प्रशासन भी इस मामले में बड़ी लापरवाही कर रहा है। यह जमीन निगम प्रशासन के नेतृत्व में ही ट्रांसपोर्ट नगर के लिए आरक्षित की गई है।

फलफूल रहा ईंट-भट्टों का कारोबार
अमावनी में ट्रांसपोर्ट नगर के लिए करीब 11 साल पहले पहाड़ पर पानी की टंकी बनाई गई थी और फिर इसी टंकी के पास से लोगों ने अतिक्रमण करना शुरू कर दिया। पहाड़ के ठीक नीचे मकान और झोपडिय़ां बनी हुईं हैं जबकि कुछ ही दूरी पर ईंट-भट्टों का कारोबार फैला हुआ है। यहां पर छोटे-बड़े आधा दर्जन से ज्यादा ईंट-भट्टे संचालित किए जा रहे हैं।

स्थानीय लोग बोले
- यहां पर कोई 20 साल से तो कोई 25 साल से रह रहा है। कुटीर की राशि मिली तो यहां पर मकान बना रहे हैं। हम लोग यह जमीन छोड़कर कहीं भी नहीं जाएंगे। - अयोध्या प्रसाद, स्थानीय निवासी

- हम लोग यहां पर लंबे समय से झोपडिय़ों में रह रहे हैं। पहाड़ पर कौन सा ट्रांसपोर्ट नगर बन जाएगा। इन झोपडिय़ों के पास से कई एकड़ जमीन डली है, वहां पर निर्माण कार्य कराया जाए। - रमेश कुमार, स्थानीय निवासी

अतिक्रमणकारियों को अब तक जारी नहीं हुए नोटिस
करीब 15 दिन पहले अमावनी का निरीक्षण करने के दौरान विधायक शैलेंद्र जैन और महापौर अभय दरे ने निगम अधिकारियों को अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी कर जगह खाली कराने के निर्देश दिए थे लेकिन अब तक इस मामले में कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक के बाद जितनी तत्परता के साथ ट्रांसपोर्ट नगर के लिए हवा चलाई गई थी उतनी ही जल्द शांत भी हो गई है।