स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

5वीं-8वीं बोर्ड : 33 फीसदी अंक नहीं लाने पर दो महीने में दोबारा मिलेगा मौका

Reshu Jain

Publish: Jan 10, 2020 04:04 AM | Updated: Jan 09, 2020 20:15 PM

Sagar

परीक्षा के लिए बनाएं जाएंगे अलग-अलग सेंटर

 

 

 

सागर.कक्षा 5वीं और 8वीं की परीक्षा अब बोर्ड पैटर्न पर होने जा रही है। मार्च-2020 में परीक्षा होना संभावित है। इसके लिए दिशा-निर्देश जारी हो गए हैं। कक्षा 5वीं-8वीं शासकीय, अनुदान प्राप्त, अशासकीय स्कूलों तथा मदरसा, संस्कृति बोर्ड की वर्ष-2019-20 की परीक्षा से निर्देश लागू होंगे। प्राथमिक कक्षा 5वीं और माध्यमिक कक्षा 8वीं में वार्षिक परीक्षा के बाह्य मूल्यांकन के विषयों में बच्चों को प्रत्येक विषय में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक प्राप्त करना होंगे। ऐसे विद्यार्थी जो वार्षिक परीक्षा में न्यूनतम निर्धारित अंक 33 प्रतिशत के दो माह के अंदर पुन: परीक्षा में शामिल होने का अवसर प्रदान किया जाएगा, यदि वे पुन: परीक्षा में भी उत्तीर्ण नहीं होते हैं तो उन्हें अपनी अध्ययनरत कक्षा 5वीं-8वीं में अगले सत्र में फिर से पढ़ेंगे।

अलग स्कूलों में बनेंगे परीक्षा केंद्र
परीक्षा केंद्र कक्षा-5वीं के लिए पास की माध्यमिक स्कूल तथा कक्षा 8वीं के लिए पास की हाइस्कूल या हायर सेकंडरी को बनाया जाएगा। अपरिहार्य परिस्थितियों में कक्षा 5वीं के लिए प्राथमिक स्कूल को व कक्षा 8वीं के लिए माध्यमिक स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया जा सकेगा।

बनाएं जाएंगे केंद्र अध्यक्ष

- परीक्षा केंद्राध्यक्ष में स्कूल के प्रधानपाठक को छोड़कर नियुक्ति की व्यवस्था लागू की जाएगी।
- विशेष परिस्थितियों में प्रधानाध्यापक व वरिष्ठ सहायक शिक्षक को भी कक्षा 5वीं में केंद्राध्यक्ष नियुक्त होंगे।

- सरकारी स्कूलों में दर्ज बच्चों के लिए उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन विकासखंड बदलकर किया जाएगा।
- परीक्षा केंद्राध्यक्ष माध्यमिक शाला के प्रधानपाठक, व्याख्याता, उमावि, मावि या उच्च श्रेणी शिक्षक को बनाया जाएगा।

- परीक्षा की गोपनीयता सुनिश्चित करने के लिए केंद्राध्यक्ष का कर्तव्य होगा कि वे स्वयं ही प्रश्न पत्र लाने का कार्य करें।
- हाइस्कूल व हायरसेकंडरी स्कूलों को मूल्यांकन केंद्र तथा संबंधित प्राचार्य को मूल्यांकन केंद्राध्यक्ष बनाया जाएगा।

[MORE_ADVERTISE1]