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सुरक्षा इंतजाम, पार्किंग की अनदेखी कर रहे स्कूलों की सुध लेगा ननि, कमी मिली तो होगी कार्रवाई

Sanjay Sharma

Publish: Aug 20, 2019 08:10 AM | Updated: Aug 19, 2019 23:01 PM

Sagar

चार साल पहले चले अभियान को दोबारा चलाने की तैयारी

सागर. इंदौर में बच्चों की सुरक्षा से समझौता कर चल रहे स्कूलों पर नगर निगम द्वारा मान्यता रद्द कराने की कार्रवाई शुरू करने के बाद सागर नगर निगम ने भी इसकी तैयारी कर ली है। नगर निगम जल्द ही अपनी सीमा में स्थित स्कूलों का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों में कमी मिलने, पार्किंग न होने के साथ ही आवश्यक सुविधाएं न होने पर कार्रवाई की अनुशंसा करेगा। एेसे स्कूलों को दी जाने वाली सुविधाओं में भी कटौती की जाएगी।

बच्चों की सुरक्षा को ताक पर रखकर संचालित 18 स्कूलों को नगर निगम इंदौर द्वारा चिन्हित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई कर मान्यता रद्द कराने की तैयारी की गई है। इसके लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को भी पत्र लिखा गया है। बहुमंजिला भवन, खेल मैदान, अग्निशमन उपकरण, शुद्ध पेयजल सहित पार्किंग और परिसर की सुरक्षा दीवार आदि का निरीक्षण कर इंदौर नगर निगम के अमले ने रिपोर्ट तैयार की है। इस कार्रवाई से सुरक्षा मानकों से समझौता करने वाले स्कूलों में खलबली मच गई है।

इधर सागर नगर निगम सीमा में भी अधिकांश स्कूल सुरक्षा मानदंडों की अनदेखी तो कर ही रहे हैं उनमें विद्यार्थियों को मुहैया कराने के लिए जरूरी सुविधाओं का भी टोटा है। कई स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड और अग्निशमन उपकरण नहीं हैं। इनमें निजी के साथ-साथ सरकारी और सरकारी अनुदान पर संचालित स्कूल भी शामिल हैं।

ननि के प्रभारी उपायुक्त डॉ.प्रणय कमल खरे के अनुसार सागर नगर निगम सीमा में बच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं के लिए चार वर्ष पूर्व निरीक्षण कर कार्रवाई की गई थी। बीच के दिनों में कार्रवाई विभिन्न कारणों के चलते नहीं की जा रही थी। नगर निगम आयुक्त ने भी इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए हैं। जल्द ही इस पर कार्ययोजना तैयार कर स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। बच्चों की सुरक्षा की अनदेखी करने और नियम विरुद्ध संचालित स्कूलों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी और उनकी मान्यता रद्द करने के संबंध में भी जिला प्रशासन को पत्र भेजेंगे।

आधे स्कूलों में सीसीटीवी-सुरक्षा गार्ड नहीं -

शहरी सीमा में स्थित अधिकांश स्कूलों में सुरक्षा गार्ड नहीं है। तो कुछ में केवल दिखावे के लिए ही सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इनमें से भी ज्यादातर अकसर बंद ही पड़े रहते हैं तो कुछ तकनीकी रूप से खराब हैं। प्रमुख स्कूलों को छोड़ शेष में गार्ड नहीं है। अग्निशमन उपकरण की स्थिति भी बस दिखावे भर की है। यदि उपकरणों की जांच की जाएं तो 30 फीसदी स्कूल ही फायर फाइटर रिफिल कराते मिलेंगे। स्कूलों में काम करने वाले स्टॉफ के वेरिफिकेशन की स्थिति भी भगवान भरोसे है।