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बोर्ड बैठक में अहम मुद्दों पर होगी चर्चा, रहवासियों को जनहित में पार्षदों की चुप्पी टूटने का इंतजार

Sanjay Sharma

Publish: Sep 23, 2019 07:50 AM | Updated: Sep 22, 2019 23:02 PM

Sagar

छावनी में अतिक्रमण के नाम पर पांच साल में कम हो गए 11041 मतदाता, बोर्ड में महत्वपूर्ण मामलों पर अब तक खामोश रहते आए हैं उपाध्यक्ष-पार्षद

सागर. छावनी कार्यालय में सोमवार को बोर्ड बैठक में वार्ड परिसीमन, मतदाता सूची, पुरानी सदर स्कूल को खाली कराने सहित कई अहम विषयों पर चर्चा होगी। लेकिन अगले वर्ष होने वाले छावनी परिषद के चुनाव को देखते हुए सबसे अहम मुद्दा मतदाता सूची से बेदखल किए गए रहवासियों का होगा। वहीं पुरानी सदर स्कूल भवन में मध्यप्रदेश शासन के शिक्षा विभाग शिक्षा द्वारा संचालित हायर सेकेण्डरी स्कूल को बंद करने के प्रस्ताव पर भी सोमवार को गहरी चर्चा हो सकती है। हांलाकि अब तक पार्षद बोर्ड की बैठकों में रहवासियों से जुड़े मुद्दों पर कभी-कभार ही मुखर हुए हैं और अधिकांश समय छावनी प्रशासन ही प्रस्ताव पर निर्णय लेकर हावी रहा है। अगले वर्ष होने वाले चुनावों को देखते हुए रहवासियों की नाराजगी दूर करने के लिए पार्षदों के कई मुद्दों पर विरोध में खड़े होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

सैंकड़ों छात्र हो जाएंगे परेशान -

छावनी की बोर्ड बैठक के एजेंडे में पुरानी सदर स्कूल परिसर में चल रहे मध्यप्रदेश शासन के हायर सेकेण्डरी स्कूल को बंद करने का प्रस्ताव भी शामिल है। प्रस्ताव में बताया गया है कि पुरानी सदर स्कूल परिसर में चार स्कूल छावनी द्वारा संचालित हैं। स्कूल पर्याप्त हैं और भवन की कमी है इसलिए हायर सेकेण्डरी स्कूल को यहां संचालित करने की जरूरत नहीं है।

परिसीमन को लेकर असमंजस -

छावनी प्रशासन द्वारा पिछले पांच वर्षों में 11041 रहवासियों को मतदाता सूची से बाहर किया गया है। 2015 में हुए चुनाव में छावनी के सात वार्डों में 28633 मतदाता थे लेकिन अब केवल 17592 ही शेष रह गए हैं। वार्ड 6 में वोटरों की संख्या चार गुना कम हुई है। पिछले चुनाव में यहां 3595 मतदाताओं ने वोट डाले थे जबकि हाल ही में जारी सूची में वार्ड में केवल 713 मतदाता ही शेष रह गए हैं। इसी तरह वार्ड 7 में 5674 मतदाताओं में से केवल 1026 वोटर ही बचे हैं। मतदाताओं की संख्या में यह कमी पांच गुना से भी अधिक है। वार्डों में मतदाताओं की संख्या की इस विसंगति को देखते हुए हाल ही में सदर्न कमांड ने छावनी को परिसीमन के संबंध में पत्र भेजा था लेकिन इन वार्डों की भौगोलिक स्थिति, आर्मी के अधिकार क्षेत्र की भूमि सहित तमाम स्थितियों को देखते हुए लोग असमंजस में हैं।