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कैंसर के कारण अलग करना पड़ा ब्रेस्ट, पेट की मांसपेशी निकालकर बनाया नया ब्रेस्ट

Aakash Tiwari

Publish: Aug 20, 2019 08:03 AM | Updated: Aug 19, 2019 22:00 PM

Sagar

-बीएमसी के सर्जरी विभाग के डॉक्टरों की टीम ने 4 घंटे में किया जटिल ऑपरेशन, बचाई महिला की जान।

सागर. बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के सर्जरी विभाग की टीम ने ब्रेस्ट कैंसर से पीडि़त एक ४२ वर्षीय महिला के ब्रेस्ट का ऑपरेशन किया। खासबात यह है कि उस महिला के कैंसर वाले ब्रेस्ट को काटकर अलग किया और उसकी जगह उसके पेट की मांसपेशी (रैक्टस) निकालकर नया ब्रेस्ट बनाया गया है। यह बीएमसी में अब तक की तीसरी बड़ी सर्जरी है। साइंस की भाषा में इस सर्जरी को मॉडिफाइड रेडिकल मेस्टेकटॉमी अलॉंग विथ बे्रस्ट रीकंस्ट्रक्शन नाम दिया गया है।
जानकारी के अनुसार यह महिला बीएमसी में १२ अगस्त को भर्ती हुई थी। दाहिने ब्रेस्ट में गांठ पाए जाने पर डॉक्टरों ने महिला की एफएनएटी जांच कराई गई। जांच में फस्र्ट स्टेज का कैंसर निकला। इसके बाद १६ अगस्त को सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. आरएस वर्मा ने महिला के ऑपरेशन का निर्णय लिया। सर्जरी करने वाली टीम में डॉ. वर्मा के अलावा डॉ. सुनील सक्सेना, डॉ. आशीष दुबे और एनेस्थेटिक डॉ. सर्वेश जैन शामिल थे।

-साढ़े ४ लाख रुपए लगते निजी अस्पताल में
सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. वर्मा ने बताया कि महिला को ब्रेस्ट कैंसर प्रारंभिक स्टेज में था। इस वजह से यह सर्जरी बीएमसी में संभव हो सकी। उन्होंने बताया कि अभी तक भोपाल, इंदौर मेडिकल कॉलेज में यह सर्जरी की सुविधा थी, लेकिन अब बीएमसी में भी यह सर्जरी होने लगी है। उन्होंने बताया कि निजी अस्पताल में सिर्फ ब्रेस्ट निकाले का खर्च रुपए से ज्यादा है। वही, इस तरह की सर्जरी ४ से ४.५० लाख रुपए में होती है। आता है। खुशी की बात यह है कि बीएमसी में यह ऑपरेशन महज ५०० रुपए में हुआ है।

-४ घंटे चला ऑपरेशन
सर्जन डॉ. सुनील सक्सेना ने बताया कि यह जटिल ऑपरेशन था। इसमें टीम को ऑपरेशन करने में ४ घंटे लगे थे। ऑपरेशन के बाद तीन दिन तक महिला को आइसीयू में रखा गया। उसके बाद महिला खाने-पीने भी लगी है। डॉ. सक्सेना ने बताया कि महिला की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। पति मजदूरी करता है और उसके तीन बच्चे हैं। वह खुुद मजदूरी कर अपने पति का हाथ बटाती है। उन्होंने बताया कि महिला में ब्रेस्ट कैंसर जैनेटिक था।

ब्रेस्ट कैंसर के कारण सर्जरी से एक तरफ का हिस्सा निकालना पड़ा था। चूंकि इस स्थिति में महिला रह सकती थी और उसे कोई खतरा नहीं था। महिला की मनोदशा को देखते हुए नए ब्रेस्ट को बनाया गया। इसके लिए उसके पेट की मांसपेशी निकाली गई थी। ऑपरेशन सफल रहा है और महिला पूरी तरह स्वस्थ है।

डॉ. आरएस वर्मा, एचओडी सर्जरी