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इस झील के नाम पर साधे हैं सब चुप्पी

Abhilash Kumar Tiwari

Publish: Aug 20, 2019 09:02 AM | Updated: Aug 19, 2019 22:47 PM

Sagar

5 माह से नहीं हुई बैठक बजट बैठक के बाद नहीं हुई कोई भी बैठक, तीन बार आयोजित हो चुकी एमआइसी, परिसीमन समेत कई मुद्दों पर परिषद में लिया जा सकता था निर्णय

सागर. नगर सरकार महापौर परिषद के भरोसे ही चल रही है। नगर निगम परिषद (साधारण सम्मेलन) की बैठक आयोजित कराने में सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष की भी कोई रुचि नजर नहीं आ रही है। मौजूदा वित्तीय वर्ष की एक भी बैठक आयोजित नहीं हुई है। मार्च में बजट बैठक आयोजित होने के बाद मई माह में नियमानुसार परिषद की बैठक का आयोजन किया जाना चाहिए था लेकिन पांच महीनों में इस दिशा में किसी ने भी प्रयास नहीं किए हैं।

ये काम हो रहे प्रभावित
- लाखा बंजारा झील को लेकर निगम परिषद की बैठक में हमेशा ही भावनात्मक स्तर पर चर्चा होती है लेकिन अब जब सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के जरिए इसके कायाकल्प की प्लानिंग बन रही है तो पूरी परिषद चुप है। परिषद की ओर से सिर्फ महापौर अभय दरे ही बैठक में शामिल हुए।
- निगम परिषद की बैठक यदि समय पर आयोजित हो जाती तो नगर निगम की सीमा विस्तार व परिसीमन का रास्ता साफ हो सकता था। परिषद में निर्णय के बाद राज्य शासन के निर्देश पर इस दिशा में प्रयास शुरू हो सकते थे।
- संपत्ति कर का निर्धारण वित्तीय वर्ष-2016-17 से विवादित है। निगम के नेता संपत्ति कर के निर्धारण को अनुचित बता रहे हैं जबकि निगम का राजस्व विभाग उपभोक्ताओं से वसूली करने में जुटा है।
- प्रधानमंत्री आवास योजना के बीएलसी घटक को लेकर पिछले दो सालों से विवादित स्थिति बनी हुई है। सैकड़ों पात्र लोगों के अब भी नाम नहीं जुड़े हैं जबकि कुछ वार्ड ऐसे भी हैं जिनमें एक भी हितग्राही का नाम योजना में न जोड़े जाने के भी आरोप हैं।

सितंबर में आयोजित करेंगे
लाखा बंजारा झील का महत्वपूर्ण मामला है जिस पर निगम परिषद की बैठक में निश्चित रूप से चर्चा होनी चाहिए। हमारा प्रयास है कि सितंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में बैठक आयोजित हो ताकि इस मामले समेत अन्य मुद्दों पर निर्णय हो सके।
अभय दरे, महापौर