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सावन महीने में भूलकर भी ना करें ये काम, घटती है उम्र

Devendra Kashyap

Publish: Jul 15, 2019 15:12 PM | Updated: Jul 15, 2019 15:12 PM

Religion

Sawan 2019 : सावन महीने को दान-पुण्य और धर्म-कार्यों के लिए जाना जाता है। इस महीने ( month of sawan ) में भगवान शिव की पूजा ( Worship of Lord Shiva ) का महत्ता है

17 जुलाई से शुरू हो रहे सावन महीने ( month of sawan ) में भगवान शिव की पूजा ( Worship of Lord Shiva ) का महत्ता है। इस महीने को दान-पुण्य और धर्म-कार्यों के लिए जाना जाता है। इस महीने में हर दिन का अपना महत्व है। जिस तरह सावन सोमवार का महत्व है, उसी प्रकार गुरुवार का अलग तरह का महत्व है। यही कारण है कि सावन महीने में गुरुवार को कई बातें ध्यान में रखना चाहिए।

यही कारण है कि इस दिन कोई ऐसा काम नहीं करना चाहिए, जिसका दुष्प्रभाव आता हो। आज हम आपको बताएंगे कि सावन महीने में गुरुवार कौन सा काम करने से बचना चाहिए ताकि आप पर गुरु की कृपा बरसती रहे।

गुरुवार को ना बाल धोएं ना कटाएं

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, महिलाओं के कुंडली में बृहस्पति पति और संतान का कारक होता है। इससे साफ है कि गुरु संतान और पति दोनों के जीवन को प्रभावित करता है। ऐसे में सावन महीने के गुरुवार को महिलाओं को ना तो बाल धोना चाहिए ना ही कटवाना चाहिए। अगर वो बाल धोती या कतवाती हैं तो पति और संतान की उन्नति रुक जाती है।

शेविंग और नाखून नहीं काटना चाहिए।

सावन महीने के गुरुवार को नाखून काटने और शेविंग करने से गुरु ग्रह कमजोर होता है। दरअसल, गुरु ग्रह को जीव भी कहा जाता है। यहां जीव का मतलब जीवन से है और जीवन का तात्पर्य आयु से हैं। यही कारण है कि सावन महीने के गुरुवार को नाखून काटने और शेविंग करने से मना किया जाता है। माना जाता है कि ऐसा करने से जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और उम्र कम हो जाता है।

पोछा घर में ना लगाएं

सावन महीने के गुरुवार को घर में पोछा नहीं लगाना चाहिए। माना जाता है कि इस दिन घर में पोछा लगाने से घर के सदस्यों की शिक्षा धर्म पर प्रभाव पड़ता

घर में ना लगाएं पोछा

सावन के गुरुवार को घर में अधिक वजन वाले कपड़ों को धोने, कबाड़ घर से बाहर निकालने, घर को धोने या पोछा लगाने से बच्चों, पुत्रों, घर के सदस्यों की शिक्षा, धर्म आदि पर शुभ प्रभाव में कमी आती है।

गुरुवार के दिन लक्ष्मी को ना करें नजरअंदाज

गुरुवार का दिन नारायण का दिन माना जाता है, पर नारायण तभी खुश होंगे जब उनके साथ उनकी पत्नी यानी कि देवी लक्ष्मी भी प्रसन्न हो। यही कारण है कि गुरुवार को लक्ष्मी-नारायण की पूजा एक साथ करना चाहिए। ऐसा करने से पति-पत्नी के बीच दूरियां कम हो जाती हैं और धन में वृद्धि भी होती हैं।