स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

विचार मंथन : संसार में माँ के सिवा कोई दूसरा धैर्यवान और सहनशील नहीं है- स्वामी विवेकानंद

Shyam Kishor

Publish: Jun 18, 2019 17:55 PM | Updated: Jun 18, 2019 17:55 PM

Religion and Spirituality

माँ से बढ़ कर इस संसार में कोई और नहीं- स्वामी विवेकानंद

संसार में माँ की महिमा

स्वामी विवेकानंद जी से एक जिज्ञासु ने प्रश्न किया," माँ की महिमा संसार में किस कारण से गायी जाती है? स्वामी जी मुस्कराए, उस व्यक्ति से बोले, पांच सेर वजन का एक पत्थर ले आओ। जब व्यक्ति पत्थर ले आया तो स्वामी जी ने उससे कहा, "अब इस पत्थर को किसी कपडे में लपेटकर अपने पेट पर बांध लो और चौबीस घंटे बाद मेरे पास आओ तो मैं तुम्हारे प्रश्न का उत्तर दूंगा।"

 

ये भी पढ़ें : rath yatra 2019 : इंतजार खत्म, इस दिन से शुरु हो रही विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा, पढ़ें पूरी खबर

 

एक प्रश्न के उत्तर के लिए इतनी कड़ी सजा

स्वामी जी के आदेशानुसार उस व्यक्ति ने पत्थर को अपने पेट पर बांध लिया और चला गया। पत्थर बंधे हुए दिनभर वो अपना कम करता रहा, किन्तु हर छण उसे परेशानी और थकान महसूस हुई। शाम होते-होते पत्थर का बोझ संभाले हुए चलना फिरना उसके लिए असह्य हो उठा। थका मांदा वह स्वामी जी के पास पंहुचा और बोला, "मै इस पत्थर को अब और अधिक देर तक बांधे नहीं रख सकूंगा। एक प्रश्न का उत्तर पाने क लिए मै इतनी कड़ी सजा नहीं भुगत सकता।"

 

इसे भी पढ़ें : एक बार कर लें ये काम, नये सिरे लिख देंगे भाग्य की रेखा श्रीगणेश

 

माँ से बढ़ कर इस संसार में कोई और नहीं

स्वामी जी मुस्कुराते हुए बोले, "पेट पर इस पत्थर का बोझ तुमसे कुछ घंटे भी नहीं उठाया गया और माँ अपने गर्भ में पलने वाले शिशु को पूरे नौ माह तक ढ़ोती है और ग्रहस्थी का सारा काम करती है। संसार में माँ के सिवा कोई इतना धैर्यवान और सहनशील नहीं है इसलिए माँ से बढ़ कर इस संसार में कोई और नहीं।

 

खबर आपके काम की : जप लें इनमें से कोई भी एक मंत्र, बड़ी से बड़ी समस्या हो जायेगी 7 दिन में दूर

 

*************