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खुशखबरीः दिल्ली-एनसीआर में पिछले तीन महीनों में मकानों के नहीं बढ़े दाम

Saurabh Sharma

Publish: Aug 02, 2018 23:13 PM | Updated: Aug 02, 2018 23:13 PM

Real Estate

दिल्ली-एनसीआर में घर खरीदने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी निकलकर सामने आर्इ है। पिछले तीन महीनों में दिल्ली-एनसीआर में मकानों के दामों में कोर्इ बढ़ोत्तरी नहीं हुर्इ है।

नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर में घर खरीदने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी निकलकर सामने आर्इ है। पिछले तीन महीनों में दिल्ली-एनसीआर में मकानों के दामों में कोर्इ बढ़ोत्तरी नहीं हुर्इ है। रिपोर्ट के अनुसार चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के दौरान रिहायशी मकानों के दाम में कुल मिलाकर स्थिरता का रुख बना रहा, हालांकि गुरुग्राम में थोड़ी तेजी देखने को मिली। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में अप्रैल से जून के दौरान मकान खरीदने वालों की तलाश बढ़ी मगर बिक्री और औसत कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं आया।

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में नहीं बढ़ी कीमतें
99एकर्स डॉट कॉम द्वारा जारी वर्ष 2018 (अप्रैल-जून) की इनसाइट रिपोर्ट में कहा गया कि गुरुग्राम में घरों के दाम में थोड़ी तेजी रही लेकिन नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बाजार सपाट रहा। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में द्वारका एक्सप्रेसवे के लंबित रहने की प्रतीक्षा में रियल स्टेट के कारोबार में स्थिरता की स्थिति बनी रही।

गुरुग्राम में बढ़ी कीमतें
99एकर्स डॉट कॉम के चीफ बिजनेस ऑफिसर मनीष उपाध्याय ने कहा, "द्वारका एक्सप्रेसवे के आसपास के इलाके और गुरुग्राम के कुछ क्षेत्रों में निर्माण कार्य जोरों पर है। यह एक्सप्रेसवे फरवरी 2019 तक पूरा हो जाएगा।" उन्होंने बताया कि इससे बाजार का रुझान बढ़ा है और आगामी तिमाहियों में इस इलाके में रियल स्टेट के दाम में तेजी का माहौल देखने को मिल सकता है।

बाजार सुधार की आेर अग्रसर
उन्होंने कहा कि गुरुग्राम और दिल्ली में रिहायशी मकानों के किराये में पिछले एक साल में तीन फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। कुल मिलाकर दिल्ली एनसीआर में रियल स्टेट बाजार को धीरे-धीरे संपर्क में सुधार आने से फायदा हो रहा है और बाजार सुधार के पथ पर अग्रसर है।

नहीं पड़ा बिक्री पर असर
रिपोर्ट के अनुसार, जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, एलीवेटेड रोड, नए मेट्रो कोरिडोर, मॉल और चिकित्सा संस्थानों जैसी आने वाली परियोजनाओं से रुझान सकारात्मक रहा, लेकिन इन सबके बावजूद नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में रियल स्टेट बाजार में ब्रिकी में बढ़ोतरी नहीं हुई।