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Video News: दो बोरी यूरिया के लिए किसान इस तरह कर रहे मशक्कत

Sachin Trivedi

Publish: Dec 10, 2019 14:07 PM | Updated: Dec 10, 2019 14:07 PM

Ratlam

सरकार कर रही कर्जामाफी से राहत का दावा, पर्याप्त यूरिया तक नहीं मिल रहा

 

रतलाम. और दो इनी सरकार ने वोट, सरकार ने कहा था कर्ज माफ कर देंगे...पर्याप्त यूरिया तक नहीं मिल रहा...दो-दो लाख का चक्कर में आईके, दो-दो बोरी यूरिया का लिए बाप ने बेटा और लुगाईयां तक ने लाइन में खड़ी करवाई दी...और वोट दो...। यह आम चर्चा इन दिनों रतलाम शहर दिलीप नगर और बिरियाखेड़ी स्थित यूरिया वितरण केंद्रों पर आम हो गई। ओव्हर ड्यू और कालातीत किसानों की केंद्रों पर हर दिन लम्बी-लम्बी लाइन सुबह से लेकर शाम तक लग रही है। क्योंकि सोसायटियों और बैंकों के कर्जदार होने से यूरिया नहीं मिल रहा, तो किसी के खाते ही नहीं है। दिलीप नगर में पिछला चार दिन से यूरिया नहीं मिला था, तो बिरियाखेड़ी में भी खत्म हो गया। रविवार को लगी 850 मेट्रिक टन यूरिया की रेंक के बाद सोमवार से दोनों केंद्रों पर नगद में यूरिया फिर वितरण किया गया। 2200 मेट्रिक टन यूरिया का वितरण हुआ। जहां पर सेजावता, ईसरथुनी, पलसौड़़ा, भाटी बड़ोदिया, नायन आदि कई गांवों से पहुंच रहे किसान आपस में चर्चा करते नजर आए कि किसान के खेते तो कोई काम नी है। कर्जमाफी का चक्कर में ओव्हर ड्यू और कालातीत किसान फंसी गया। पैसा माफ विया नी तो यूरिया सोसायटियां दे नहीं रही। पहले बैचारे जैसे-तैसे रुपया जमा करई रिया था और खाद भी मिली रियो थो, अबार तो लालच में अईने भटकिया रिया है। कभी आधार कार्ड तो कभी बैंक पावती के लिए भटकना पड़ रहा है, खाद खत्म हो जाए तो खाली 30-35 किमी तक चक्कर लगाता रो..। पूरा दिन भी खराब और खाली हाथ दूसरा दिन फिर चक्कर लगाने आओ।

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