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Video News: कांग्रेस नेताओं के सवाल पर एआईसीसी पर्यवेक्षक का ये जवाब

Sachin Trivedi

Publish: Dec 06, 2019 14:42 PM | Updated: Dec 06, 2019 14:42 PM

Ratlam

बैठक का मकसद ही कार्यकर्ताओं की बात सुनना था, कोई विवाद नहीं, दिल्ली में होने वाले आंदोलन पर बात, अन्य किसी बिन्दु पर बहस नहीं

रतलाम. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के दो पर्यवेक्षकों के सामने गुुरुवार को जिला व शहर कांग्रेस की संयुक्त बैठक हंगामे और बहस में बदल गई। राजधानी दिल्ली में कांग्रेस के आंदोलन को लेकर रखी गई बैठक में प्रभारी मंत्री के व्यवहार, जिलाध्यक्ष के रवैये और बड़े नेताओं का कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने का मसला उठाया गया। पहले शहर व फिर ग्रामीण के कांग्रेस पदाधिकारी नाराज हुए। हालांकि पर्यवेक्षकों ने अपनी सफाई में इसे पार्टी का अंदरूनी मामला बताकर कहा कि सभी से चर्चा की गई है। शहर के दो बत्ती रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय पर गुरुवार को दोपहर में जिला व शहर कांग्रेस की संयुक्त बैठक रखी गई। बैठक में एआईसीसी के पर्यवेक्षक व संभागीय प्रभारी राजेश गर्ग तथा जिला प्रभारी धीरूभाई पटेल भी मौजूद रहे। पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में सबसे पहले सेवादल के प्रदेश सचिव व पार्षद रजनीकांत व्यास ने मोर्चा खोला। व्यास ने पर्यवेक्षकों पर ही स्थानीय संगठन की अनदेखी करने के आरोप लगाते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं की कोई सुन ही नहीं रहा है, ऐसे में कार्यकर्ता ऐसी बैठकों में क्यों आएगा। पर्यवेक्षक खुद लंबे समय बाद बैठक ले रहे है, विधानसभा चुनाव के बाद से कहां थे। व्यास की बातों का अन्य नेताओं ने भी समर्थन करते हुए कहा कि जिले के प्रभारी मंत्री कार्यकर्ताओं को ही नहीं पहचानते, वे कुछ पदाधिकारियों को साथ लेकर निकल जाते है। कार्यकर्ताओं के काम नहीं हो रहे है, अगर ऐसा ही रवैया रहा तो बैठकों में नहीं आएंगे।

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संगठन की बात सुनी जाए
शहर सहित जिले में अधिकारी कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं की शिकायतों पर ध्यान नहीं देते, हमारे बड़े नेता भी सक्रिय नहीं है, वे कार्यकर्ताओं को नहीं पहचानते। इसी बात को बैठक में रखा है, संगठन की सुनी जाएगी, तभी जनता तक लाभ पहुंच पाएगा।
- रजनीकांत व्यास, प्रदेश सचिव कांग्रेस सेवादल

बात रखने का फोरम
पार्टी की बैठक सभी के लिए उनकी बात रखने का फोरम है, हम उनकी बात सुनते है और इससे हाईकमान को अवगत भी कराते है। बात रखना कार्यकर्ता का अधिकार है, बैठक में किसी तरह की बहस या विवाद नहीं हुआ, सभी ने अपनी बात रखी है।
- धीरूभाई पटेल, जिला प्रभारी व पर्यवेक्षक एआईसीसी

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