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यूरिया का संकट, कृषि विभाग बदल रहा हर दिन नियम

Gourishankar Jodha

Publish: Dec 07, 2019 12:52 PM | Updated: Dec 07, 2019 12:52 PM

Ratlam

वितरण केंद्रों पर बढ़ी कतार, 2-2 बोरी के लिए घंटों परेशान किसान, बिरियाखेड़ी पर पूरे दिन लगती रही लम्बी-लम्बी कतार

रतलाम। इस साल यूरिया को लेकर जिले में संकट गहराता चला जा रहा है, तो कृषि विभाग के आला अधिकारी हर दिन नियम बदल रहे हैं। जिस कारण किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। जिले में किसानों को यूरिया की किल्लत ने परेशान कर दिया है। यूरिया के वितरण के नियम आए दिन बदल रहे हैं इससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। पहले किसानों को किसी की भी पावती और आधार कार्ड पर यूरिया का वितरण किया जा रहा था लेकिन व्यवस्था गड़बड़ाने के चलते शुक्रवार से नियम बदल दिए गए। अब किसानों को स्वयं की पावती और उनके स्वयं के आधार कार्ड पर यूरिया का वितरण किया गया। इसके चलते कई किसान बैरंग लौट गए। विरियाखेड़ी वितरणकेंद्र पर शुक्रवार को लंबी कतार लगी रही, जिसके चलते किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

क्या बीमार पिता को लेकर यूरिया केंद्र पर लाउं
इसरथुनी से आए किसान राधेश्याम ने बताया कि मेरे पापा की तीन पावती है और वे बीमार है, मैं उनका अकेला बैटा हूं, तीन पावती पर छह बोरी देना चाहिए, बोलते हैं पापा को बुलाकर लेकर आओ, पापा कैसे आएंगे। इसरथुनी के शांतिलाल धाकड़ ने बताया मैं आया हूं और मेरी पत्नी की पावती है अब यह कह रहे हैं उसे भी साथ लेकर आओ तो अब कैसे लेकर आउं, शाम के ४ बज रहे हैं। किसानों की लम्बी-लम्बी कतार यहां पूरे दिन लगती रही। शाम चार बजे एक कर्मचारी ने सभी किसानों को आधार कार्ड की फोटो कॉपी एकत्रित करते हुए कहा कि अब सबका नाम पुकारा जाएगा, लाइन मत लगाओ। पावती लेकर आ जाना। केंद्रों से प्रति हेक्टेयर केवल दो बोरी यूरिया मिल रहा है। किसानों को इससे ज्यादा यूरिया चाहिए, इसकी भरपाई के लिए वे निजी दुकानों से यूरिया की खरीदी कर रहे हैं।

दूसरे जिलों को दे दिया यूरिया
किसानों ने बताया कि हर दिन वितरण केंद्र पर नियम बदल देते हैं, रतलाम सहित अन्य जिलों के किसान भी यहां से खाद ले गए, आज से बंद कर दिया। जिसको खाद चाहिए, वह आधार कार्ड के साथ अपनी पावती स्वयं लेकर आए तो यूरिया मिलेगा। प्रति आधार कार्ड और पावती पर दो-दो बोरी खाद मिलेगा। दिलीप नगर केंद्र पर यूरिया मिल नहीं रहा, बिरियाखेड़ी पर भीड़ लग रही है। किसी के पिता बीमार तो किसी पत्नी साथ नहीं आ सकती है तो किसी के दादाजी का नाम पर पावती है पर वे अब नहीं रहे, किसानों को कई परेशानियों का सामना करते हुए यूरिया खाद के लिए मारामारी करना पड़ रही है।

दिसंबर में जिले को 8 रैक यूरिया उपलब्ध होगा
किसान अपनी आवश्यकता के अनुसार ही उर्वरक का भंडारण करें, अनावश्यक ज्यादा उर्वरक भंडारित नहीं करें। इस महीने आठ रैक यूरिया जिले के लिए प्राप्त होगा जो कि पूरे जिले के लिए पर्याप्त है। आगामी रैक से कुल आवंटित यूरिया का 80 प्रतिशत सहकारिता क्षेत्र को एवं 20 प्रतिशत निजी क्षेत्र को उपलब्ध कराया जाएगा।
जीएस मोहनिया, उपसंचालक रतलाम

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