स्लो इंटरनेट स्पीड होने पर आपको पत्रिका लाइट में शिफ्ट कर दिया गया है ।
नॉर्मल साइट पर जाने के लिए क्लिक करें ।

शनि का 18 सितंबर को बदलाव, आपके जीवन में लाएगा परिवर्तन

Gourishankar Jodha

Publish: Sep 15, 2019 12:09 PM | Updated: Sep 15, 2019 12:09 PM

Ratlam

वृश्चिक, धनु व मकर, वृषभ और कन्या राशि वाले रखे इन बातों का ध्यान

रतलाम। शनिदेव न्यायाधीश, न्यायदेवता एवं दंडाधिकारी का कारक ग्रह 30 अप्रेल 2019 से अपनी सीधी चाल की बजाय उल्टी चाल चल रहा है। अर्थात् ज्योतिष की भाषा में शनि की चाल व्रकी है जो 141 दिनों के बाद 18 सितंबर 2019 से 23 जनवरी 2020 तक सीधी चाल चलेगा। गलत निर्णय पर दंडित भी होना पड़ सकता है, इसलिए शनि ग्रह का स्मरण रखते हुए उचित निर्णय लेना फलदायी रहेगा। सीधी अर्थात मार्गी चाल चलेगा इससे वृश्चिक, धनु व मकर राशि पर शनि की साढेसाती वृषभ एवं कन्या राशि के नागरिकों पर शनि की ढैय्या से नकारात्मक व सकारात्मक प्रभाव से पुन: सुप्रभाव या दुप्रभाव से प्रभावित होगे।

18 के बाद वर्षा के रूद्र रूप भी कम होगा
18 सितंबर के बाद से वायु का प्रतिक ग्रह शनि की दिशा में परिवर्तन एवं 17 सितंबर से सूर्य का राशि कन्या राशि में प्रवेश व बुध, सूर्य, शुक्र ग्रहों पर शनि की पूर्ण दृष्टि से वर्षा का रूद्र रूप भी कम हो जाएगा। ज्योतिष रवि जैन ने बताया कि शनिग्रह 30 अप्रेल 2019 से वक्री हुआ जिसके कारण इस वर्ष सूर्य की तपन से प्राणीमात्र प्रभावित हुआ, वहीं इस साल वर्षाकाल में रोहणी का तट पर निवास एवं रजक के घर समय का निवास के साथ ही शनि ग्रह जो वायू का कारक ग्रह माना जाता है। अपनी सीधी चाल के बजाए उल्टी चाल में चलने के कारण इस वर्ष उत्तम वर्षा के योग बनने में सहायक रहा। प्रशासन के साथ ही साथ नागरिक भी भारी वर्षा से प्रभावित है।

17 सितंबर को स्वग्रही राशि छोड़ेंगे शनि
जैन के अनुसार शनिग्रह 18 सितंबर 2019 से अपनी सीधी चाल चलना प्रारंभ कर देगा, जिसके कारण वायु की दिशा में परिवर्तन होगा। इसी के साथ ही सूर्य ग्रह जो 17 सितंबर से अपनी स्वग्रही राशि को छोडकर कन्या राशि में प्रवेश करेगा । कन्या राशि में पूर्व से शुक्र व बुध ग्रह है, जिनसे सूर्य ग्रह की युति होगी और शनिग्रह की भी पूर्ण दृष्टि सूर्य, शुक्र व बुध ग्रहों पर होने से वर्षा से नागरिक 18 सितंबर के बाद से राहत महसूस करना प्रांरभ कर सकेगे।

सोचसमझ कर ले निर्णय, मनवांछित फल मिलेगा
जैन ने बताया कि शनिग्रह 18 से मार्गी होने के बाद से 23 जनवरी 2020 तक धनु राशि में गोचर करेंगे व मार्गी ही रहेगे। इससे पुन: मकर, धनु व वृश्चिक राशि वाले नागरिक जो शनि की साढेसाती से गुजर रहे है, उन्हें कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है। वही कन्या व वृषभ राशि वाले नागरिक भी शनि के प्रभाव से रूबरू होते दिखाई देंगे। शनि न्याय का कारक ग्रह व दंडाधिकारी है, इसलिए शनि की साढेसाती व लघुढैया में सोचसमझ कर निर्णय करने व कार्य करने पर शनि ग्रह से अनुकूल व मनवांछित फल प्राप्त किया जा सकता है।

शनि का 18 सितंबर को बदलाव, आपके जीवन में लाएगा परिवर्तन