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प्रायवेट स्कूल के बच्चों के लिए खुशखबर: नहीं होगी उनकी पांचवीं-आठवीं बोर्ड परीक्षा

Yggyadutt Parale

Publish: Dec 11, 2019 17:35 PM | Updated: Dec 11, 2019 17:35 PM

Ratlam

प्रायवेट स्कूल के बच्चों के लिए खुशखबर: नहीं होगी उनकी पांचवीं-आठवीं बोर्ड परीक्षा

रतलाम। एक दशक पहले बंद की गई पांचवीं और आठवीं की बोर्ड पैटर्न परीक्षाएं फिर से शुरू की जा रही है। लंबे अंतराल के बाद शुरू हो रही पांचवीं और आठवीं की बोर्ड परीक्षा से इस बार राज्य शिक्षा केंद्र ने निजी स्कूलों और उनके बच्चों को मुक्त रखा है। खास बात यह है कि यह परीक्षाएं सत्र २०१९-२० से ही लागू हो रही है। इन कक्षाओं में बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा लेने का १०वीं कक्षा का परिणाम सुधारना प्रमुख है क्योंकि पहली से आठवीं तक शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) में बच्चे को फेल नहीं करने का नियम लागू है।

स्थानीय स्तर पर नहीं होगा मूल्यांकन
पांचवीं और आठवीं की बोर्ड पैटर्न पर होने वाली परीक्षाओं का मूल्यांकन भी स्थानीय स्तर पर नहीं करवाया जाएगा। पूर्व की तरह ही इनकी कॉपियां जांचने के लिए कॉपियों को एक से दूसरे विकासखंडों में भेजी जाएगा। यही नहीं राज्य शिक्षा केंद्र को लगता है कि दूसरे जिलों में कॉपियां जंचवाई जाने के लिए भी व्यवस्था की जाएगी।

प्रतिभा पर्व के बदले परीक्षा
पांचवीं और आठवीं कक्षा में पिछले सालों में प्रतिभा पर्व के तहत बच्चों का मूल्यांकन किया जाता रहा है। अब इन दोनों कक्षाओं के विद्यार्थियों को केवल तीन बार परीक्षा देना होगी। इसमें तिमाही, छहमाही और वार्षिक परीक्षा जो बोर्ड पैटर्न पर ली जाएगी। राज्य शिक्षा केंद्र से इनके प्रश्नपत्र आएंगे और जिलास्तर से स्कूलों में भेजे जाएंगे।

इसलिए हुआ यह निर्णय
विषय विशेषज्ञों की टीम ने बोर्ड पैटर्न से पांचवीं और आठवीं की परीक्षा खत्म करने के बाद यह पाया कि सरकारी स्कूलों के जो बच्चे नौवीं में जा रहे हैं उनका शैक्षणिकस्तर काफी कमजोर होता है। नवीं में भी वे न्यूनतम अंकों से पास होकर १०वीं कक्षा में चले जाते हैं। दसवीं में पढ़ाई कठिन होने से इस कक्षा का परीक्षा परिणाम बिगड़ रहा है।

शासन का निर्णय है

राज्य शिक्षा केंद्र का निर्णय है कि पांचवीं और आठवीं कक्षा के सरकारी स्कूलों के बच्चों की बोर्ड पैटर्न पर परीक्षा ली जाए और निजी स्कूलों को इससे मुक्त रखा जाए। जो शासन के निर्देश हैं हम उसी तरह की व्यवस्था जिले में करेंगे।
अमर कुमार वरधानी, डीपीसी, रतलाम

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