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saas-bahoo - सास-बहू...करे यह काम बन जाएगे बिगड़े काम

Gourishankar Jodha

Publish: Aug 18, 2019 22:12 PM | Updated: Aug 18, 2019 22:12 PM

Ratlam

saas-bahoo - सास-बहू के रिश्ते सुधारने के उपाय

रतलाम। परिवार में हर सदस्य का अपना एक महत्वपूर्ण रोल होता है, उस रोल को पूर्ण जवाबदारी से निभाना चाहिए। अगर घर को स्वर्ग बनाना है तो सास और बहू को अपने अपने रोल सुधारने होंगे। आज के नए युग में सास के रोल में परिवर्तन करना होगा अब पहले के जमाने जैसी पारम्परिक सास नहीं चलेगी, बहू को थोड़ी आजादी देना होगी थोड़ा खुलापन लाना होगा, हंसी मजाक सब करना होगी। अगर बहू हमेशा सबको खाना खिलाने के बाद ठंडा खाना खाती है, अगर सास भी कभी-कभी बहू को गर्म खाना खिला दे तो बहू के मन में सास का सम्मान बढ़ जाएगा।

खराब बहू को भी अपने व्यवहार से अच्छा बना सकती
यह बात सास-बहू के रिश्तों पर आधारिक प्रवचन माला में सौम्यदर्शनश्री महाराज ने नीमचौक स्थानक पर व्यक्त किए। महाराजश्री ने कहा कि सास के हाथ में है बहू को संभालना, खराब बहू को भी अपने व्यवहार से अच्छा बना सकती है और अच्छी भली बहू को भी अपने दुव्र्यवहार से खराब कर देती है। सास का काम है बहू को प्यार देना और बहू का काम है सास को सम्मान देना। आदर्श बहू की सास अगर वर्षीतप करे तो बहु सास की सेवा में जी जान लगा देवे, मायके जाने का मोह छोड़ दे और सास की इतनी सेवा करे की सास को बेटी की कमी महसूस न हो और सास बहू को इतना प्यार दे की बहू माँ को भूल जाए।

आत्मा सुंदर वो ही लगती है जिसमें पाप व दोष न हो
प्रियदर्शनश्री महाराज ने कहा कि आत्मा सुंदर वो ही लगती है जिसमें पाप व दोष न होए खदान से जब कच्चा सोना निकलता है तो धूल मिट्टी से सना हुआ रहता है तब उतना कीमती नहीं होता है, लेकिन वो ही सोना जब आग की भट्टी में तप कर शुध्द होता है तो मूल्यवान हो जाता है । जब तक पाप का एक भी अंश है तब तक आत्मा शुध्द नहीं हो सकती है। पूरे मकान का केवल एक कमरा साफ तो तो मकान साफ नहीं कहलाता है जैसे जैसे कमरे साफ होते जाएंगे वैसे वैसे मकान साफ होता जाएगा। ठीक उसी प्रकार जैसे जैसे पाप कम होते जाएंगे वैसे वैसे आत्मा शुध्द होती जाएगी।