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पढ़ें, इंदौर हाईकोर्ट के आदेश से सरकार को कैसे लगा झटका

Sachin Trivedi

Publish: Nov 14, 2019 14:37 PM | Updated: Nov 14, 2019 14:37 PM

Ratlam

इंदौर हाईकोर्ट के एक आदेश के बाद प्रदेशभर के निकायों की जारी प्रक्रिया रूकेगी, रतलाम नगर निगम के वार्ड परिसीमन का 15 नवंबर को अंतिम प्रकाशन भी प्रभावित

रतलाम. इंदौर हाई कोर्ट ने नगर निगम और नगर पालिका चुनाव से पूर्व नगरीय सीमा बढ़ाने संबंधी कलेक्टर के नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी है। इस आदेश के बाद निकायों में सीमा बढ़ाने की प्रक्रिया रूक जाएगी तो रतलाम नगर के वार्ड परिसीमन का 15 नवंबर को होने वाला अंतिम प्रकाशन भी प्रभावित होगा। निकायों में जारी प्रक्रिया पर रोक के कारण अब सीमा बढ़ाने के नोटिफिकेशन पर हाई कोर्ट के अगले आदेश के बाद ही कोई कदम उठ सकेगा।

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15 नवंबर को सरकार की ओर से अंतिम प्रकाशन प्रस्तावित है
रतलाम नगर निगम चुनाव से पूर्व वार्डो के परिसीमन का प्रारंभिक प्रकाशन हो चुका है और 15 नवंबर को सरकार की ओर से अंतिम प्रकाशन प्रस्तावित है, लेकिन इसके पहले ही 13 नवंबर को हाई कोर्ट इंदौर ने एक याचिका पर सुनवाई के बाद नगर की सीमा बढ़ाने और घटाने के सीमांकन की प्रक्रिया वाले नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी है। यह आदेश प्रदेशभर में जारी निकाय चुनाव की प्रक्रिया को भी प्रभावित करेगा, क्योंकि सरकार की ओर से निकाय चुनाव के लिए प्रदेश के सभी निकायों के लिए एक ही शेड्यूल तय किया है। अब सरकार की ओर से इंदौर हाई कोर्ट की रोक पर अपनी ओर से दो सप्ताह में जवाब दाखिल किया जाना है, फिर इस पर हाई कोर्ट की ओर से सुनवाई होगी। इसके बाद ही निकाय चुनाव की जारी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने संबंधी कोई कदम उठ सकेगा।

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49 वार्डो के लिए किया गया है शहर में परिसीमन
शहर के 49 वार्डो के लिए नया परिसीमन किया गया है। इसमें करीब 42 वार्ड नए परिसीमन के बाद बदल गए है। इनमें करीब 260 क्षेत्र ऐसे है, जहां भारी बदलाव हुआ है तो 73 से ज्यादा क्षेत्रों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड में समायोजित कर दिया है। परिसीमन से प्रभावित 42 वार्डो में जनसंख्या ब्लॉक भी समान नहीं है, कहीं ज्यादा जनसंख्या है तो कहीं कम जनसंख्या का आंकड़ा है। परिसीमन का आधार वर्ष 2011 की जनसंख्या को बनाना है, जबकि वर्ष 2019 तक शहर के वार्डो में जनसंख्या का आंकड़ा भी बदला है।

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17 अक्टूबर को शुरू हुआ था वार्डो का परिसीमन
17 अक्टूबर को प्रकाशित रतलाम शहर के प्रारंभिक वार्ड परिसीमन का 15 नवंबर को अंतिम प्रकाशन प्रस्तावित है। भोपाल में इस पर विचार के बाद सरकार को प्रकाशन करना है, लेकिन कानूनी जानकारों की माने तो जब तक इंदौर के याचिकाकर्ता के उठाए मुद्दों पर हाई कोर्ट की ओर से अगला आदेश जारी नहीं होता, तब तक समूची प्रक्रिया को ही रोकना पड़ेगा, क्योंकि अंतिम प्रकाशन के बाद वार्ड आरक्षण और फिर इसके बाद महापौर-अध्यक्ष का आरक्षण प्रस्तावित है, जो प्रदेशभर के लिए एक शेड्यूल पर होगा।

इस तरह आगे बढ़ेगी परिसीमन की प्रक्रिया
- वार्डो की संख्या का निर्धारण अधिसूचना का प्रकाशन 17 अक्टूबर को किया गया था।
- अंतिम प्रकाशन के लिए कलेक्टर द्वारा 31 अक्टूबर को प्रारूप सरकार को भेज गया।
- अंतिम प्रकाशन के लिए 15 नवंबर की तारीख तय की, सरकार की ओर से प्रकाशन।
- वार्ड के आरक्षण संबंधी प्रक्रिया कलेक्टर द्वारा 30 दिसंबर तक प्रस्तावित की गई है।
- वार्डो के आरक्षण की जानकारी शासन को 10 जनवरी 2020 तक प्रस्तावित की गई।

समूची प्रक्रिया पर होगा असर
हाई कोर्ट का आदेश पूर्व के नोटिफिकेशन के संबंध में है, इसमें सीमाओं को बढ़ाने और घटाने के बिन्दु को याचिकाकर्ता ने चुनौती दी थी, इस पर कोर्ट ने फिलहाल पूरी प्रक्रिया को रोक दिया है, इसका प्रभाव निकाय चुनाव की समस्त प्रक्रिया पर होना है, क्योंकि यह प्रदेशभर में जारी है। अन्य शहरों के लिए होने वाली प्रक्रिया भी प्रभावित होगी।
- प्रशांत ग्वालियरी, हाई कोर्ट अधिवक्ता रतलाम

हाईकोर्ट का आदेश अहम
इंदौर हाई कोर्ट ने मनमाने तौर पर नगर की सीमा बढ़ाने और घटाने जैसे मसले पर अहम आदेश दिया है, कांग्रेस सरकार अधिकारियों के जरिए मनमाने कार्य कराना चाहती है, रतलाम का वार्ड परिसीमन इसका उदाहरण है, अब इसे भी चुनौती दी जा सकेगी।
- अरूण राव, पार्षद एवं जिला प्रवक्ता भाजपा

कोर्ट का आदेश पढ़ा नहीं
इंदौर हाई कोर्ट के आदेश की सूचना है, लेकिन इसका संदर्भ और ब्यौरा फिलहाल पढ़ा नहीं है, रतलाम शहर का वार्ड परिसीमन पूरी तरह संतुलन की दृष्टि से किया गया है। कांग्रेस का इसे लेकर कहीं कोई दबाव नहीं था, ये शहर के लिए ठीक है।
- यास्मिन शैरानी, नेता प्रतिपक्ष एवं कार्यवाहक अध्यक्ष प्रदेश महिला कांग्रेस