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इस जिले की 29 शालाएं चैम्पियन शाला के रूप में हुई चयनित

Chandraprakash Sharma

Publish: Dec 04, 2019 17:17 PM | Updated: Dec 04, 2019 17:17 PM

Ratlam

इस जिले की 29 शालाएं चैम्पियन शाला के रूप में हुई चयनित

रतलाम/पिपलौदा। शालाओं के संपूर्ण मूल्यांकन कर सुधार की आवश्यकताओं को पहचाने के लिए राज्य शिक्षा केन्द्रं भोपाल ने शालासिद्धि योजना लागू की। इसमें जिले की 447 चयनित शालाओं ने अपना स्वमूल्यांकन कर कार्ययोजना तैयार की तथा सुधार के लिए कार्य किया। इन शालाओं के फीडबैक के आधार पर जिले की 29 शालाओं को चैम्पियन शाला के रूप में चयनित किया गया है।
चैम्पियन शालाएं अपने जनशिक्षा केन्द्र की अन्य शालाओं में शैक्षिक संवाद के दौरान चर्चा कर सुधार के लिए प्रोत्साहित करेगी। यह बात जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान प्राचार्य डॉ.नरेन्द्र गुप्ता ने कही। वे संस्थान में शाला सिद्धि योजनान्तर्गत दो दिवसीय प्रस्तुतीकरण कार्यशाला के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में जिले की चयनित 29 चैम्पियन शालाओं ने अपनी कार्ययोजना तथा स्व-मूल्यांकन के वर्तमान स्तर का प्रस्तुतीकरण किया। प्रथम दिवस जिले के पिपलौदा, जावरा तथा आलोट व दूसरे दिन रतलाम, बाजना तथा सैलाना की शालाओं ने प्रस्तुतीकरण किया। कार्यक्रम प्रभारी भंवरलाल सोनी ने बताया कि शालासिद्धि योजना वर्ष 2016 में प्रत्येक जनशिक्षा केन्द्र के 4 प्राथमिक तथा 4 माध्यमिक शालाओं को चयनित किया गया था। इस वर्ष समस्त माध्यमिक तथा चयनित शालाओं में इसे लागू किया गया है। पूर्व में चयनित शालाओं में शाला सिद्धि के विभिन्न आयामों तथा मानकों पर प्रगति हुई है। आयाम 2,3 व 5 में शालाओं ने विभिन्न् अधिगमों की उपलब्धि के लिए सराहनीय प्रयास किए हैं। इसमें छात्रों के शिक्षण, उनकी उपस्थिति तथा प्रधानाध्या्पकों द्वारा किए गए प्रयासों का प्रस्ततीकरण किया गया। दो दिवसीय कार्यशाला में जिला अकादमिक समन्वयक चेतराम टांक, खंड अकादमिक समन्वयक संजय भट्ट, शंभुलाल चौहान, मानसिंह भगौरा, अर्पिता त्रिवेदी, नीता त्रिवेदी ने कार्यशाला के विभिन्न बिन्दुओं को विस्तार से समझाया। इस वर्ष शालासिद्धि योजना के माध्यम से माध्यमिक शालाओं में स्व-मूल्यांकन की प्रक्रिया को पूर्ण करने में चैम्पियन शालाओं की भूमिका को स्पष्ट किया।

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