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शासन के आदेश के आगे डॉक्टरों की मर्जी पड़ रही भारी

Yggyadutt Parale

Publish: Dec 11, 2019 18:01 PM | Updated: Dec 11, 2019 18:01 PM

Ratlam

शासन के आदेश के आगे डॉक्टरों की मर्जी पड़ रही भारी

रतलाम। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए शासन ने रतलाम में लंबे बाद रिक्त पदों की पूर्ति करते हुए 12 नए चिकित्सकों भेजा था, लेकिन तीन माह बीतने को आए है और एक भी चिकित्सक ने रतलाम में आमद नहीं दी है। हालही में कलेक्टर ने भी शासन के आदेश पर यहां आने वाले चिकित्सकों की जानकारी सीएमएचओ से ली थी साथ ही निर्देश भी दिए थे कि जो चिकित्सक यहां नहीं पहुंचा हो उससे संपर्क कर अवगत कराए और यदि वह नहीं आ रहा है तो उसके खिलाफ उचित कार्रवाई के संबंध लिखा जाए।

शासन द्वारा जिन 12 चिकित्सकों की रतलाम में नियुक्ति की गई थी, उन्हे महज 15 दिन के भीतर आमद देना थी लेकिन ये समय बीतकर तीन माह तक पहुंच गया है और रतलाम में एक भी चिकित्सक नहीं पहुंचा है। इन चिकित्सकों की भर्ती प्रदेश स्तर से की गई थी। शासन के आदेशानुसार इन्हे अपनी सेवाएं रतलाम जिले की विभिन्न सीएचसी व पीएससी में देना थी लेकिन नियुक्ति के बाद से एक भी चिकित्सक यहां नहीं आया है। एेसे में जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का सपना अब भी अधूरा है।

तो होगी सेवा समाप्त

चिकित्सकों की नियुक्ति के बाद भी जिले में नहीं आने वालों के संबंध में हालही में शासन ने भी निर्देश जारी कर कहा है कि जो लोग अपने नियत स्थान पर सेवा देने के लिए नहीं जाएंगे, उनकी सेवाएं समाप्त की जा सकती है। शासन के इस आदेश के बाद भी अब तक स्थिति नहीं बदली है। कलेक्टर द्वारा हालही में आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने भी सीएमएचओ से चिकित्सकों की उपस्थिति को लेकर जानकारी मांगी थी जिस पर सीएमचओ ने इनके नहीं आने की बात कही थी।

किसे कहा जाना था
सीएचसी बाजना - शिवाली कैथवास

पीएससी बर्डियागोयल - खुशबू सिंह
पीएचसी बिलपांक - मेघा राजोरा

पीएचसी कनाडिय़ा - रामेश्वर शर्मा
पीएचसी रावटी - रामप्रताप विश्वकर्मा

पीएचसी रिंगनोद - सलोनी गुप्ता
पीएचसी सरवन - दीपिका सिंह

पीएचसी चंद्रगढ़ - यूधीष्ठिर रघुवंशी
सिविल अस्पताल आलोट - शीतल मालवीय, पल्लव हेथवाल

पीएचसी बड़ावदा - अतुलकृष्ण गोयल
पीएचसी बांगरोद - भावना पटेल

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