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VIDEO रतलाम में हर साल पांच हजार से अधिक लोगों को काट रहे कुत्ते

Ashish Pathak

Publish: Nov 13, 2019 10:36 AM | Updated: Nov 13, 2019 10:36 AM

Ratlam

शहर में आवारा श्वान (कुत्तों) का आतंक दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। सरकारी अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक हर साल करीब पांच हजार लोगों को कुत्ते अपना शिकार बनाते हैं। पिछले पांच वर्षों में 26769 हजार लोगों को कुत्तों ने काट लिया।

रतलाम। शहर में आवारा श्वान (कुत्तों) का आतंक दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। सरकारी अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक हर साल करीब पांच हजार लोगों को कुत्ते अपना शिकार बनाते हैं। पिछले पांच वर्षों में 26769 हजार लोगों को कुत्तों ने काट लिया। इसमें गई गंभीर रूप से घायल हुए, इस सबके बावजूद शहर में कुत्तों की धरपकड़ कमजोर है। यहां तक बंध्यीकरण (स्टेरलाइजेशन) भी पिछले दो साल से बंद पड़ा है। इससे शहर में कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

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निगम का काम इनको पकड़कर छोडऩा है। कभी-कभार निगम की टीम इनको पकडऩे के लिए निकलती है तो संसाधन के अभाव में कुछ ही कुत्ते पकड़ में आते हैं। शहर के बाहर आवारा कुत्तों को छोड़ा जाता है तो कुछ दिन में वापस आ जाते हैं। कई बार आसपास के गांव वाले भी निगम कर्मियों से कुत्तों को वहां छोडऩे पर आपत्ति जताते हैं। कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने कड़े नियम बनाए हैं। जिसके चलते इन पर नियंत्रण और मुश्किल हो गया है।

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अलग से कोई बजट नहीं
निगम स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अलग से कोई बजट नहीं रहा। इनकी शिकायतें बढ़ जाती हैं तो निगम अभियान चलाता है, कुछ समय पूर्व जीवदया समिति की आपत्ति के बाद यह अभियान भी बंद हो गया। यहां तक की इसके लिए केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के तत्कालीन समय में नियम कडे़ कर दिए। इससे भी नगर निगम को कुत्तों को पकडऩे में परेशानी आने लगी।

dog.jpg

पांच साल में इतने मरीज आए
वर्ष मरीज
2015 5024
2016 5665
2017 5458
2018 5735
2019 4912

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IMAGE CREDIT: patrika

मारने का अधिकार दे
केंद्र सरकार को भी एनिमल बोर्ड के द्वारा जो अधिनियम बनाए हैं कि उसमें उन डॉग को मारने का अधिकार होना चाहिए। कई लोगों की डॉग बाइट से मौत होती है लोग मुश्किल में पड़ जाते हैं। आदमी का ज्यादा जीवन अधिक कीमती है या डॉग का, ये तय किया जाना चाहिए।
- राकेश शर्मा, डॉग बाइट का शिकार

नियम के परे नहीं जा सकते
डॉग के मामले में जो नियम बने हुए हैं उसके परे जाकर काम नहीं किया जा सकता है। समय-समय पर पूर्व में अभियान चलाया गया था। अब फिर उनको पकडऩे के निर्देश जारी करेंगे।
- एसके सिंह आयुक्त नगर निगम

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