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दो वर्ष में भारतीय रेलवे के इस मंडल ने पाई है अनेक उपलब्धी

Ashish Pathak

Publish: Nov 19, 2019 19:27 PM | Updated: Nov 19, 2019 19:27 PM

Ratlam

देश के विभिन्न रेल मंडल में रतलाम का नाम इन दो वर्ष में इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया। यह पहली बार हुआ कि मंडल में डीआरएम आरएन सुनकर को रेलमंत्री अवॉर्ड से लेकर विश्व बुक में बेहतर काम करने की वजह से नाम दर्ज हो गया। हैरिटेज ट्रेन की बात हो या पूर्व के ब्रिज को कम लागत से गडर डालकर नया करने का मामला, रतलाम मंडल ने वो कर दिखाया जो किसी मंडल में नहीं हुआ।

रतलाम। देश के विभिन्न रेल मंडल में रतलाम का नाम इन दो वर्ष में इतिहास में हमेशा के लिए दर्ज हो गया। यह पहली बार हुआ कि मंडल में डीआरएम आरएन सुनकर को रेलमंत्री अवॉर्ड से लेकर विश्व बुक में बेहतर काम करने की वजह से नाम दर्ज हो गया। हैरिटेज ट्रेन की बात हो या पूर्व के ब्रिज को कम लागत से गडर डालकर नया करने का मामला, रतलाम मंडल ने वो कर दिखाया जो किसी मंडल में नहीं हुआ।

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22 नवंबर 2017 को जब रतलाम मंडल रेल प्रबंधक बनकर इलाहाबाद से आरएन सुनकर आए तो किसी ने यह कल्पना भी नहीं कि थी कि रात दो बजे कोई डीआएम सर्दी में ट्रैकमैन के काम को देखने जा सकता है, लेकिन डीआरएम सुनकर ने यह किया। वर्षो तक एडि़या रगड़कर थक गए इंदौर के एक परिवार को सिर्फ एक पोस्टकार्ड से मिली सूचना पर पेंशन देने में हो रहे अवरोध को हटाने की बात हो या देर रात चलती ट्रेन से इंदौर से अहमदबाद जा रही युवती के एक फोन पर सीट बदलने की बात, यात्रियों को सुनकर कई वजह से याद रहेंगे।

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अन्य मंडल के लिए भी मार्गदर्शन का कार्य

मंडल रेल प्रबंधक आरएन सुनकर ने बताया कि पिछले दो वर्षों में रतलाम मंडल पर जो कार्य किये गये हैं वो अन्य मंडल के लिए भी मार्गदर्शन का कार्य किया है तथा रेलवे बोर्ड द्वारा सराहना करते हुए अन्य मंडलों को भी रतलाम मंडल के तर्ज पर कार्य करने हेतु निर्देश जारी किये गये हैं। रतलाम मंडल पर पिछले दो वर्षों में कई कार्य किये गये हैं जैसे लक्ष्मीबाई नगर-रतलाम-नीमच खंड के 250 किमी में विद्युतीकरण, नीमारखेड़ी-मथेला(खंडवा बाईपास लाइन) 45.61 किमी खंड का आमान परिवर्तन, खरगोन में 1320 मेगावाट क्षमता के एनीटीपीसी संयंत्र के लिए नीमारखेड़ी से खरगोन तक 40 किमी रेलवे लाइन का निर्माण, चित्तौड़गढ़ से शंभूपुरा तक 11.61 किमी लाइन का दोहरीकरण एवं शंभूपुरा से निम्बाहेड़ा तक 15 किमी रेलवे लाइन का पूर्णता की ओर अग्रसर जिसे नवम्बर 2019 तक पूर्ण कर लिया जाएगा।

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बड़ी उपलब्धि

विभिन्न खंडों के सेक्शनल स्पिड को बढ़ाया गया है जैसे रतलाम चित्तौड़गढ़ सेक्शन को 100 किमीप्रघं से 110 किमीप्रघं, रतलाम इंदौर सेक्शन को 90 किमीप्रघं से 110 किमीप्रघं, गोधरा-लिमखेड़ा सेक्शन 110 किमीप्रघं से 120 किमीप्रघं, लिमखेड़ा मेघनगर सेक्शन को 100 किमीप्रघं से 110 किमीप्रघं, इंदौर-डॉ अम्बेडकर नगर सेक्शन को 100किमीप्रघं से 110 किमीप्रघं, रतलाम मंडल के सभी लूप लाइन की गति को बढ़ाकर 30किमीप्रघं कर दिया गया है, मंडल के 77 परिचालन व्यवधान को दूर किया गया है जिसमें अधिकांशतः मंडल के अपने संसाधन द्वारा ही किया गया है जो एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।

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सुधार हुआ

रतलाम मंडल द्वारा उपरोक्त आधारभूत सुधार के कारण मेल/एक्सप्रेस गाड़ियों की समयपालनता 94.5 प्रतिशत, मालगाड़ियों की गति को 31.56 किमीप्रघं से 35.01किमीप्रघं किया गया, नेट ट्रैक किमी प्रति वेगन प्रतिदिन 13873 से बढ़कर 15065(09.29 प्रतिशत की बढ़ोतरी), एसी लोको की उपयोगिता में 10 प्रतिशत एवं डीजल लोको की उपयोगिता में 5.5 प्रतिशत का सुधार हुआ है।

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संरक्षा से संबंधित भी कई महत्वपूर्ण कार्य

रतलाम मंडल पर संरक्षा से संबंधित भी कई महत्वपूर्ण कार्य किये गये हैं। रतलाम मंडल पश्चिम रेलवे का प्रथम मंडल है जहाँ समस्त मानवरहित समपार फाटक को समाप्त किया गया एवं 22 मानवयुक्त रेलवे समपार फाटक को समाप्त किया गया। मंडल के 22 ब्रिजों के 58 स्पैन के पीएससी गर्डर को 400 मीट्रिक टन क्षमता की रोड क्रेन से बदला गया। रतलाम मंडल पूरे भारतीय रेलवे में प्रथम मंडल है जहाँ पीएससी गर्डर बदलने का कार्य किये गये। मंडल के रतलाम नागदा एवं उज्जैन इदौर खंड में काली कपासी मिट्टी होने के कारण अक्सर ट्रैक फॉर्मेशन खराब होने के कारण ट्रैक पैरामीटर खराब हो जाता था इसे सुधार करने के लिए बीसीएम मशीन की मदद से फॉर्मेशन ट्रीटमेंट किया गया। विभिन्न खंडों में कुल 162 किमी रेलवे ट्रैक का सीटीआर(कंपलिट ट्रैक रिन्युअल) किया गया। राजाधानी रूट नागदा-रतलाम-गोधरा खंड में 138 थिक वेब स्विच लगाया गया, टी 28 एवं बीसीएम मशीन की मदद से 55 टर्नआउट(पाइंट एंड क्रासिंग) पर डीप स्क्रिनिंग की गई।

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