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पीएम आवास घोटाला - संदिग्ध ने फाइलों में की अफरा-तफरी

kamal jadhav

Publish: Dec 04, 2019 11:22 AM | Updated: Dec 04, 2019 11:22 AM

Ratlam

पीएम आवास घोटाला - संदिग्ध ने फाइलों में की अफरा-तफरी

रतलाम/नामली। नामली नगर पंचायत में हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के घोटाले से जुड़ी कुछ फाइलें सीएमओ के कार्यालय से गुपचुप तरीके से अफरा-तफरी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। यह अफरा-तफरी किसी और ने नहीं वरन यहीं के एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी ने की है जो तत्कालीन सीएमओ अरुण ओझा का केवल करीबी है। उसे दैनिक वेतनभोगी के रूप में उसी ने इसे अपने कार्यकाल में लगाया था। खास बात यह है कि इस संदिग्ध कर्मचारी ने फाइलें ले जाना और वापस नगर पंचायत में रखने की बात स्वीकार भी कर ली है। ये फाइलें ले जाने के बाद वापस नगर पंचायत में आ चुकी है लेकिन इनमें क्या किया गया है और कौन सी फाइल में किसके हस्ताक्षर आदि हुए हैं। यह जांच का विषय है। फिलहाल नगर पंचायत की तरफ से मिले आवेदन की नामली पुलिस जांच कर रही है।

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एफआईआर दर्ज होने के बाद दिखाई कारीगरी
नामली नपं और पुलिस से जुड़े जानकारों के अनुसार फाइलों की अफरा-तफरी की यह यह घटना नवंबर के पहले सप्ताह में पीएम आवास घोटाले में नामली थाने पर तत्कालीन सीएमओ अरुण ओझा और अध्यक्ष नरेंद्र सोनावा के खिलाफ केस दर्ज होने के करीब एक पखवाड़े बाद हुई है। बताया जाता है कि संदिग्ध युवक नामली नपं में ही कार्य करता है और वह २२ नवंबर को अवकाश पर था। इसी दौरान वह शाम के बाद नपं में पहुंचा और सीएमओ कार्यालय से इस घोटाले से जुड़ी फाइलें लेकर निकल गया। एक-दो दिन फिर से इन फाइलों को नपं में लाकर रख दिया जिससे किसी को पता नहीं चल सके।

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अगले दिन चला पता तो हुई पूछताछत
इस दिन वर्तमान सीएमओ संदेश शर्मा भी बैठक में शामिल होने उज्जैन गए थे। उन्हें अगले दिन इस मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने नपं के सभी कर्मचारियों से इस बारे में पूछताछ की लेकिन कोई कुछ नहीं बता पाया। अंत में में संदिग्ध कर्मचारी से दो दिन बाद पूछताछ की तो उसने पहले आनाकानी की लेकिन उस पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने का विश्वास दिलाकर पूछा तो उसने अरुण ओझा के कहने पर फाइलें ले जाने और इन्हें वापस सीएमओ कार्यालय में लाकर रखने की बात स्वीकार भी कर ली। वर्तमान सीएमओ शर्मा ने इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों को इस पूरे मामले से अवगत कराया।

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अब तक फरारी में है दोनों आरोपी
पीएम आवास योजना में प्रकरण दर्ज होने के बाद से ही तत्कालीन सीएमओ अरुण ओझा और अध्यक्ष नरेंद्र सोनावा फरारी में ही है। पुलिस उन तक पहुंच नहीं पाई है। माना जा रहा है कि करीब आधा दर्जन संभावित स्थानों पर पुलिस अब तक दबिश दे चुकी है किंतु पुलिस उन तक नहीं पहुंच पाई है। पुलिस लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन आरोपियों तक पहुंच नहीं पा रही है। उनके मोबाइल संपर्कों पर भी पुलिस लगातार निगरानी रख रही है। दोनों के परिजनों पर भी निगाह रखी जा रही है। नामली थाना प्रभारी किशोर पाटनवाला का कहना है कि कई संभावित जगह दबिशें दे चुके हैं लेकिन अभी आरोपी फरार है।
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सीएमओ के आवेदन की जांच कर रहे
सीएमओ की तरफ से उनके चैंबर से फाइलों की अफरा-तफरी को लेकर आवेदन मिला है। आवेदन की जांच की जा रही है। जल्द ही स्पष्ट हो जाएगा और इसके बाद कार्रवाई करेंगे।
किशोर पाटनवाला, टीआई नामली