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नहीं माने, नदियों में विसर्जित किए पीओपी निर्मित श्रीगणेश

Mukesh Mahawar

Publish: Sep 14, 2019 17:59 PM | Updated: Sep 14, 2019 17:59 PM

Ratlam

प्रशासनिक अधिकारी नहीं देते ध्यान

रतलाम . नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल मध्य क्षेत्र ने प्लास्टर ऑफ पेरिस, केमिकल और रासायनिक रंगों का इस्तेमाल कर मूर्तियों के निर्माण पर रोक लगा रखी है। साथ ही जलाशयों में इन्हे विसर्जन नहीं करने के भी निर्देश है। बावजूद जामण-पाटली नदी, करमदी स्थित तालाब के अलावा माही नदी में हजारों की संख्या में इन पीओपी और केमिकल रंगों से बनी मूर्तियों का विसर्जन किया गया, जो पानी में दिखाई दे रही है।
आगामी दिनों में नवरात्र प्रारंभ हो रहे हैं। नौ दिन तक मातारानी की भक्ति-भाव से आराधना की जाएगी और अंतत: फिर वहीं पर इन मूर्तियों का विसर्जन भी किया जाएगा। वैसे पिछले साल की तुलना में इस साल बड़ी संख्या में घरों में लोगों ने मिट्टी के गणपति बनाकर स्थापना की तो शहर के बड़े बड़े पांडालों में भी मिट्टी के गणपति की स्थापना की गई थी। जामण पाटली नदी सुरक्षा के तहत तैनात जवान ने बताया रि १२ सितंबर की सुबह से रात २ बजे तक लोगों द्वारा हजारों की संख्या में मूर्तियां को विसर्जन नदी में किया गया। रात्रि में पानी बड़ गया था, शुक्रवार को भी सुबह से शाम तक मूर्ति विसर्जन के पहुंचते रहे। नगर निगम के वाहनों के अलावा कई लोग जामण-पाटली के अलावा माही नदी भी मूर्ति विसर्जन के लिए पहुंचे।