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Live Video: मध्यप्रदेश के इस जिले मेंं पुल न रास्ता, रस्सी के सहारे दरिया पार

Sachin Trivedi

Publish: Sep 21, 2019 14:42 PM | Updated: Sep 21, 2019 14:42 PM

Ratlam

लाइव वीडियो, कैसे उफनता नाला पार कर रहे ग्रामीण, हर वक्त रहता है जोखिम, फिर भी हौसला ऐसा कि सर्कस के कलाकार दंग रह जाए

रतलाम. शहर सहित जिले में सितंबर माह में भी बरसते मेघ अब हर आम और खास की परेशानी का सबब बन गए है। लगातार उफनते नदी-नालों के कारण प्रमुख मार्गो के हाल तो खराब है ही, गांव में जान जोखिम में डालकर किसान अपने खेतों की ओर जा रहे है। बाजेड़ा में उफनता नाला पार करने के लिए दो रस्सी के सहारे जिंदगी दांव पर लगाई जा रही है, आखिर मजबूरी भी ऐसी ही है, आंखों में सपने तो कदम झूलती रस्सी पर डगमगाते है, लेकिन व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष के हौसले के चलते नाला पा करते है। रतलाम जिले के गांव बाजेड़ा में ग्रामीणों की जिंदगी दो रस्सी पर झूल रही है। दरअसल, बाजेडा से होकर एक बरसाती नाला गुजरता है। बारिश में ये नाला उफान पर आ जाता है तो गांव के बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक इस नाले को पार करने लिए सर्कस कलाकार की तरह जिंदगी की जंग लड़ते है, कदम डगमगा भी जाते है, लेकिन हौंसला नहीं खोते।

पीठ पर सामान लादकर रस्सी की मदद
ग्रामीण उपेन्द्रसिंह और भगवानसिंह ने बताया कि नाला पार करने के लिए दो रस्सियां बांध रखी हैं, इन रस्सियों के सहारे ही जान जोखिम में डालकर नाला पार करते हैं। वैकल्पिक मार्ग गांव से तीन किलोमीटर दूर है। कई लोगों के खेत नाले के दूसरी ओर हैं, खेतों में जाने के लिए ग्रामीणों ने नाले पर दो रस्सियों को अस्थायी बांधकर उसे पार करने का मार्ग बना रखा है। लगातार बारिश के दौरान तो हर दिन ये जोखिम लेते है।

छोटे बच्चे से लेकर किसान तक ले रहे जोखिम
बाजेड़ा गांव की महिलाओं ने बताया कि छोटे बच्चों की तबीयत खराब होने पर उन्हें पीठ पर बांधकर नाला पार करना पड़ता है। 40 फीट के नाले को रस्सी के सहारे पार कर समय भी बच जाता है, पुलिया न होने के कारण मजबूरी में हमें ऐसा करना पड़ता है। छोटे बच्चे से लेकर किसान दो रस्सी पर झूलकर ही नाला पार करते नजर आते है।