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वर्क आर्डर से नहीं, नगर निगम ने कर दिया न्यूनतम दर से भुगतान

Gourishankar Jodha

Publish: Oct 23, 2019 12:42 PM | Updated: Oct 23, 2019 12:42 PM

Ratlam

परिषद् में दो बार प्रस्ताव पास होने के बावजूद न्यूनतम राशि का भुगतान पर उठे सवाल

रतलाम। नगर निगम मेला झमेला अब तक खत्म नहीं हुआ है। दो साल में भी नगर निगम द्वारा वर्क आर्डर से नहीं मेला सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजकों को न्यूनतम दर से भुगतान कर फिर झमेला खड़ा कर लिया है। अब कई आयोजक इस भुगतान से नाराज है तो पूरी राशि देने की बात कह रहे हैंं। नगर निगम द्वारा 2017 में आयोजित शारदीय नवरात्र मेला के सांस्कृतिक मंच पर आयोजित कार्यक्रमों की आखिरकार राशि का भुगतान 2019 अक्टूबर में आयोजकों को कर दिया, लेकिन वर्क आर्डर की राशि का भुगतान में भारी अंतर है। वर्क ऑर्डर के बजाय न्यूनतम टेंडर राशि से भुगतान किए जाने से आयोजक नाराज हैं। यह मामला दो बार परिषद् में मामला उठा और राशि स्वीकृत कर आयोजकों को पूर्ण भुगतान करने के लिए प्रस्ताव पास होने के बावजूद न्यूनतम राशि आयोजकों को दी गई। दो सांस्कृतिक कार्यक्रम और कवि सम्मेलन का नगर निगम द्वारा निम्न स्तर की राशि वहन की गई है, जबकि आतिशबाजी का भुगतान अब तक नहीं किया गया। आयोजकों की मानें तो वर्क आर्डर के हिसाब से राशि का भुगतान नगर निगम द्वारा नहीं किया गया, न्यूनतम दर पर जिन्होंने टेंडर भरे थे, उस हिसाब से हमें राशि की गई जो गलत है।

क्या कहते कार्यक्रम आयोजक जिन्हे नहीं मिल पूर्ण राशि
सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजक राजेश वारले ने बताया कि 3 लाख 60 हजार रुपए का वर्क आर्डर था, लेकिन पूरी राशि का भुगतान नहीं करते हुए नगर निगम अधिकारियों ने करीब २० हजार रुपए कम भुगतान करते हुए न्यूनतम दर से भुगतान किया, जो गलत है। 2 साल हो गए राशि मांगते हुए रतलाम नगर निगम से लेकर भोपाल तक चक्कर लगाए, तब जाकर न्यूनतम दर पर राशि भुगतान की गई। दो साल से परेशान हो रहा हूं, साढ़े तीन लाख का ब्याज कितना हो जाता है। कवि धमचक मुल्तानी ने बताया कि नगर निगम द्वारा 2 लाख 45 हजार रुपए का भुगतान किया है, जबकि तय राशि 3 लाख60 हजार रुपए की राशि थी। परिषद् में वर्क आर्डर के हिसाब से पूरा भुगतान करना को कहा था। अभी इस संबंध में मेरी नगर निगम से कोई बात नहीं हुई है, बात करते पता चलेगा की पूरी राशि का भुगतान कब तक करेंगे। गजेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया कि मेरा वर्क आर्डर 1 लाख 20 हजार था, जिसमें से मुझे न्यूनतम दर 63 हजार रुपए वहन कए गए, जबकि मैने सारेगामा म्यूजिकल ग्रुप इंदौर की आर्केस्ट्रा के कलाकारों से प्रस्तुति दिलवाई थी, वहीं न्यूनतम दर पर जो टेंडर आया था वह लोकल भजन संध्या का था। नगर निगम को मुझे वर्क आर्डर के हिसाब से पूरी राशि का वहन करना चाहिए।

आतिशबाजी का आज तक भुगतान नहीं....
कृष्णा सोनी ने बताया कि 2017 में आतिशबाजी के लिए 1 लाख 8 हजार रुपए वर्क आर्डर किया था, लेकिन अब तक एक रुपए भुगतान नहीं किया गया। न्यूनतम दर पर 1 लाख 81 हजार का हुआ था, ऑनलाइन टेंडर आए थे। साढ़े पांच लाख दूसरी फर्म का आया था, मेरा 1 लाख 81 हजार का था। नगर निगम अधिकारी गरिमा पाटीदार, भानुप्रतापसिंह के साथ अनुबंध हुआ। इसके बाद किसी के दबाव में दशहरे के दिन नया एग्रीमेंट करवाया, 600 रुपए का स्टाम्प लेकर आए और कहा कि हमें एक लाख 8 हजार रुपए से अधिक की आतिशबाजी नहीं करवाना। आपका भुगतान दशहरे के दूसरे दिन कर देंगे। नया अनुबंध के आधार आतिशबाजी 2 घंटे 30 मिनट तक की, जब भुगतान के लिए गए तो फाइल चलाने लगे। एक माह बाद करते है ंकि उस पर आपत्ति आ गई, जांच बैठेंगी। मेरे पास दोनों अनुबंध है, आज तक एक रूपए का भुगतान नहीं किया गया।

मैं जानकारी नहीं दे पाउंगा, अकाउंट से बात करें
मेला आयोजकों 2017 की राशि का भुगतान के संबंध में अकाउंट ऑफिसर से मालूम करना पड़ेगा, मैं जानकारी नहीं दे पाऊंगा या फिर डिप्टी कमिश्रर से बात देंगे।
एसके सिंह, आयुक्त नगर निगम रतलाम

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कवि सम्मेलन- 3 लाख 60 हजार रुपए का वर्क आर्डर था, 2 लाख 45 हजार रुपए का भुगतान किया।

एक सांस्कृतिक कार्यक्रम- 1 लाख 20 हजार रुपए का वर्क आर्डर था, 63 हजार रुपए करीब भुगतान किया।

दूसरा सांस्कृतिक कार्यक्रम- 3 लाख 60 हजार का वर्क आर्डर था, 20 हजार रुपए कम राशि का भुगतान।

आतिशबाजी- 1१ लाख 8 हजार रुपए का वर्क आर्डर था एक रुपए नहीं मिला।