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जैन संत ने हैदराबाद पुलिस को लेकर कही बड़ी बात

Gourishankar Jodha

Publish: Dec 07, 2019 12:38 PM | Updated: Dec 07, 2019 12:38 PM

Ratlam

आचार्य श्रीमद् विजयऋषभचंद्र सुरीश्वर महाराज ने कहा ऐसे अपराधियों के साथ ऐसा ही व्यवहार होना चाहिए था, खौफ होगा तो खता नहीं होगी

रतलाम। रूचि प्रमोद पाश्र्वनाथ जिनालय के प्रेरणादाता आचार्य श्रीमद् विजयऋषभचंद्र सुरीश्वर महाराज ने अपने रतलाम आगमन पर हैदराबाद पुलिस द्वारा किए गए कार्य के बाद बड़ी बात कहते हुए बताया कि यह सामाजिक संवेदनशीलता और महिलाओं की सुरक्षा के संबंध में मामला है, ऐसे अपराधियों के साथ ऐसा ही व्यवहार होना चाहिए, जैसा हैदराबाद पुलिस ने किया है। ऐसा ही मैं चाहुंगा की उन्नाव के अपराधियों के साथ भी होना चाहिए, जिससे खौफ होगा तो खता नहीं होगी। महाराजश्री ने यह बात पत्रकारों से चर्चा करते हुए कही। महाराजश्री का आचार्य पद्वी के बाद प्रथम बार रतलाम आगमन हुआ। एमआईजी विक्रमनगर न्यू कलेक्टोरेट स्थित फतेहलाल कोठारी निवास पर ठहरे, यहां शुक्रवार सुबह नवकार स्तुति के बाद मांगलिक हुई इसके बाद महाराजश्री बदनावर की और विहार कर गए। इस मौके पर संजय कोठारी, जिनेश कोठारी सहित बड़ी संख्या में गुरुभक्त उपस्थित थे।

नारी को सशक्त होकर समाज के कार्यो में आगे आना होगा
हैदराबाद में हुई घटना इंसानियत खत्म कर देने वाली है, ऐसे घटनाएं विकृत मानसिकताओं के कारण होती है, नारी शक्ति का सम्मान करें, क्योंकि नारी शक्ति देश की महान शक्ति है। नारी को भी इस समय सशक्त होकर समाज के कार्यो में आगे आना चहिए। नारी, बालिकाओं को जागरूक होकर समाज और देश-धर्म के कामों में आगे बढऩा चाहिए। यह बात पत्रकारवार्ता के दौरान नंद भवन चोड़ावास में आचार्य प्रवर दिव्यानंद सुरीश्वर महाराज निराले बाबा ने कही। महाराजश्री ने बताया कि सुखेड़ा कार्यक्रम के बाद अयोध्या राम मंदिर निर्माण जो बिड़ा उठाया है, उस संबंध में संतों की बहुत बड़ी बैठक कुरूक्षेत्र में रखी गई है। आरएसएस के राष्ट्रीय प्रमुख मोहन बागवात के सान्निध्य होगी, संतों को सान्निध्य मिले और सुंदर राम मंदिर का भव्य निर्माण हो, न्यायपालिका ने भी कहा कि राम मंदिर बनना चाहिए, इसी उ²ेश्य से संतों का भी एक संगठन बनाया है, तो वहां जाएंगे।

ताकि साध्वीवृंद पर भी पैदल विहार के दौरान कोई आक्रमण न कर पाए
महाराजश्री ने बताया कि उन्हेल में पक्षियों का अस्पताल खोला जा रहा है, ताकि उनकी उचित देख-रेख हो सके। इसके लिए मध्यप्रदेश के उन्हेल में पक्षियों के लिए अस्पताल की शुरुआत की गई है, क्योंकि हमारे जितने भी देवी-देवता है उनके अधिकांश वाहन पशु-पक्षी ही है। पशु-और पक्षी की सेवा करते है तो देवी-देवती की सेवा होती है, इससे वे प्रसन्न होते हैं। इसी उ²ेश्य को लेकर पक्षि चिकित्सालय की शुरुआत की है और इसी उ²ेश्य को लेकर रतलाम भी आया हूं। यहां भी अगर समाजजन चाहे तो पक्षियों के लिए अच्छा काम हो सकता है। महाराजश्री ने बताया कि जैन समाज में साध्वीवृंद को भी ऐसे संदेश दिए जा रहे हैं कि पैदल विहार के दौरान उन पर कोई आक्रमण न कर पाए इसके लिए सूरत के अंदर शिक्षा प्रणाली प्रारंभ की गई है। उनको हर समय हर परिस्थिति में मुकाबले करने की शक्ति मिले ऐसी शिक्षा स्कूल और धार्मिक स्थलों पर भी दी जाना चाहिए, पुरुष वर्गो को भी कहना चाहते है कि नारी को अबला ना समझो, क्योंकि समाज में नारी को अबला समझ रखा है।

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