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Heavy Rain: बारिश से आफत: कर्ज लेकर लगाई फसल, मुनाफा तो दूर लागत भी नहीं मिली

Yggyadutt Parale

Publish: Sep 19, 2019 17:33 PM | Updated: Sep 19, 2019 17:33 PM

Ratlam

Heavy Rain: बारिश से आफत: कर्ज लेकर लगाई फसल, मुनाफा तो दूर लागत भी नहीं मिली

रतलाम। Heavy Rain: किसानों ने कर्ज लेकर लगाई खरीफ सीजन में सब्जियां मुनाफा तो दूर लागत भी नहीं निकली। अतिवृष्टि ने सब्जियों को तबाह नष्ट कर दिया। हाल यह हो गए की पत्ता गोभी, टमाटर, मिर्ची, फूल आदि खेतों में नष्ट हो गए। पत्ता गोभी १०-१५ दिन के पानी में खेतों में सड़ गई, मिर्ची के पौधे भी लगातार बारिश के कारण गल चुके है, जिनकी जड़े तक खत्म हो गई और अब सूखने लगे हैं। लाखों रुपए का नुकसान हो गया उपर से मुआवजा के नाम पर कुछ नहीं। हताश निराश किसान फसलों को खेतों से बाहर कर अब रबी की तैयारी में लग गए है।

Heavy Rain: उल्लेखनीय है कि कृषि विभाग के अनुमान अनुसार जिले में १ लाख ४४ हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सोयाबीन, मक्का, कपास उड़द सहित अन्य फसलें जलभराव, अफलन और कीटव्याधी से प्रभावित हुई है। इस मान से जिले की आधी फसल खरीफ की चौपट हो चुकी है। भाटी बड़ोदिया के किसान वीरेंद्रसिंह भाटी, धर्मेंद्रसिंह पंवार, योंगेंद्रसिंह भाटी और जयेंंद्रसिंह भाटी, अधिकांश अधिकांश जल भराव के कारण नष्ट हो रही है। कई खेतों में तो अब भी जल भरा हुआ है। हाल यह है कि सोयाबीन के पौधे काले पड़ चुके है फलिया पकी चुकी है, लेकिन जल भराव के कारण किसान कुछ नहीं कर पा रहा है। किसानों ग्राम सेवक कोई सूचना नहीं पहुंचाता, सोसायटी में जाते है तो कहते है कि बीमा कम्पनी वाले को बताना पड़ेगा।

अतिवृष्टि ने तबाह कर दी पत्ता गोभी
Heavy Rain: समीपस्थ ग्राम धोलवा के किसान बालमुकुंद पाटीदार का कहना है कि ढाई-तीन बीघा जमीन पर पत्ता गोभी लगाई थी, लेकिन लगातार हुई बारिश में सबकुछ तबाह कर दिया। फसल खेतों में ही सड़ कर खत्म हो चुकी है। २० पैकेट बीज लगाया था, खाद दवाई सहित ५० हजार के करीब लागत लगी थी। फसल भी अच्छी थी, १०-१५ दिन बारिश ने सब कुछ खत्म कर दिया। नहीं तो प्रति बिघा के ९० हजार से १ लाख रुपए तक का उत्पादन संभव था। कर्ज तो हर किसान ने रखा है, इसके अलावा अदरक में भी नुकसान हुआ है। सोयाबीन के अलावा सब्जियों में काफी नुकसान हुआ है, सरकार को चाहिए की सब्जियों पर भी किसानों को मुआवजा दें।

कर्ज लेकर लगाई फसल चौपट हो गई
Heavy Rain: ग्राम धोलका के ही किसान रामेश्वर पाटीदार ने बताया कि अधिक बारिश हो रही थी, जिसमें मिर्ची की सारी फसल नष्ट कर दी। अब जो मिर्ची लग रही वह सड़कर खेत में ही पड़ रही है। अनवरत बारिश ने पौधों की जड़े तक खत्म कर दी, जिससे पौधे खेतों में सूखने लगे हैं। दो बीघा में मिर्ची लगाई थी और लागत करीब २० हजार से अधिक लगी थी। इसके लिए सोसायटी से ९० हजार का कर्जा भी ले रखा है, यह फसल तो बर्बाद हो गई अब अगली फसल के लिए फिर से कर्ज लेना पड़ेगा। पहले पूरा गांव मिर्च लगाता था, वायरस ने उत्पादन खत्म कर दिया अब जैसे तैसे हिम्मत कर पुन: लगाना शुरू किया तो बारिश ने खत्म कर दी।