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स्कूलों के बाहर लगी गुटखा-पाउच की दुकानें

Sourabh Pathak

Publish: Nov 13, 2019 10:00 AM | Updated: Nov 12, 2019 22:16 PM

Ratlam

- वर्षों से है कार्रवाई का नियम लेकिन अब खुली जिम्मेदारों की नींद

रतलाम। सरकार भले ही जिले की शासकीय, अशासकीय, अद्र्वशासकीय शैक्षणिक संस्‍थाओं को तंबाकू मुक्‍त बना चाह रही है लेकिन ये काम उसके लिए इतना आसान नहीं है। इसके पीछे कारण कई स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों द्वारा ही तंबाकू, गुटखा, पाउच का सेवन करना है। ऐसे में सबसे पहले इन्हीं लोगों को इससे मुक्त कराना होगा। उसके बाद स्कूलों के बाहर लगी बीड़ी, सिगरेट, गुटखा, पाउच, तंबाकू की दुकानों को हटवाना होगा।

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स्कूलों को तंबाकू मुक्त बनाए जाने को लेकर प्रदेश में पूर्व की सरकार ने भी निर्देश जारी किए थे लेकिन उन निर्देशों का अब तक ठीक से पालन नहीं किया जा सका है। नियम तो यह भी है कि किसी भी स्कूल की परिधि से 50 से 100 मीटर की दूरी तक कोई भी तबाकू उत्पाद की दुकान नहीं होना चाहिए लेकिन शासकीय हो या अशासकीय, हर स्कूल के पास की दुकानों पर तबाकू उत्पाद आसानी से मिल जाते है।

इस नियम के तहत होगी कार्रवाई
जिला तंबाकू नियंत्रण समिति की हालही में हुई बैठक में कलेक्‍टर रुचिका चौहान ने तत्काल दल गठित करके नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए। धारा 4 के अंतर्गत सार्वजनिक स्‍थानों पर धुम्रपान करने पर 200 रुपए तक का जुर्माना करने का प्रावधान है। धारा 5 के अंतर्गत तंबाकू उत्‍पादों के विज्ञापन पर प्रतिबंध है। धारा 6 (अ) के अनुसार अवयस्‍कों को तंबाकू उत्‍पादों के विक्रय पर प्रतिबंध है। धारा धारा 6 (ब) के अनुसार शैक्षणिक संस्‍थाओं के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्‍पादों के विक्रय पर प्रतिबंध है। धारा 7 के अनुसार सभी तंबाकू उत्‍पादों पर स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी विर्नीदिष्‍ट चेतावनी अनिवार्य रूप से अंकित होना प्रावधानित है।

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