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नहीं मान रहे शासन का आदेश: शिक्षकों को लगा पढ़ाई के अलावा लगा रहे अन्य कामों में

Yggyadutt Parale

Publish: Dec 11, 2019 17:54 PM | Updated: Dec 11, 2019 17:54 PM

Ratlam

नहीं मान रहे शासन का आदेश: शिक्षकों को लगा पढ़ाई के अलावा लगा रहे अन्य कामों में

रतलाम। जिले के विभिन्न विभागों में पदस्थ कर्मचारी इन दिनों सर्वे कार्य से परेशान है। कर्मचारियों की माने तो उनके कार्य के अतिरिक्त उनकी ड्यूटी अन्य कार्यों में लगा दी गई है, जिसके चलते यदि कार्यालय का काम प्रभावित होता है तो विभाग प्रमुख नोटिस थमा देते है और यदि शासन का काम प्रभावित होता है तो प्रशासन की फटकार खाना पड़ती है। बीते कुछ माह से कर्मचारी इन्हीं सब बातों को लेकर परेशान नजर आ रहे है।

जिले में इन दिनों बीएलओ द्वारा घर-घर दस्तक दिए जाने के साथ ही बीपीएल परिवारों के सत्यापन का काम चल रहा है। चुनाव कार्य से जुड़े बीएलओ में जहां शिक्षा विभाग के अमले को लगाया गया है तो वहीं दूसरी और बीपीएल परिवारों के सत्यापन के काम में पंचायत सचिवों के साथ रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहित अन्य विभागों के कर्मचारियों को लगाया है। एेसे में कई क्षेत्रों में कर्मचारी काम के बोझ से परेशान होकर काम करने में आनाकानी करने लगे है, जिसके चलते काम की गति धीमी होने पर कलेक्टर द्वारा संबधित विभाग प्रमुखों को फटकार लगाई जा रही है।

रतलाम व सैलाना पीछे

कलेक्टर रुचिका चौहान द्वारा आयोजित समीक्षा बैठक में हर बार की तरह इस बार भी सर्वे कार्य में नगर निगम व सैलाना जनपद पंचायत का काम धीमी गति से होना पाया गया है। एेसे में नगर निगम आयुक्त के साथ जनपद पंचायत सैलाना को काम में गति लाने के निर्देश भी दिए गए है। यह कोई पहला मौका नहीं था जब कलेक्टर ने इन्हे फटकार लगाई हो। बीती कुछ बैठकों से यह क्रम लगातार जारी है। एेसे में फटकार पडऩे व काम नहीं करने पर नोटिस मिलने की बात अब कर्मचारियों को चुभने लगी है।

गैर शैक्षणिक कार्य में लगाया

- शासन के स्पष्ट निर्देश है कि शिक्षकों को किसी भी प्रकार के गैर शैक्षणिक कार्य में न लगाया जाए फिर भी उन्हे बीएलओ बनाकर काम कराया जा रहा है, जिससे कि शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहा है। प्रशासन के आदेश के चलते यह काम करना पड़ रहा है।
हरीश बिंदल, कर्मचारी नेता

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एनजीओ से कराए सर्वे

- शासन को किसी भी प्रकार के सर्वे के लिए एनजीओ या निजी संस्था को यह काम सौंपना चाहिए, जिससे कि इस काम में जुडऩे से बेरोजगारों को रोजगार मिल सके, जिससे कि जिन विभागों के अमले को सर्वे में प्रशासन द्वारा लगाया जाता है, उसका काम प्रभावित न हो सके।
दीपक सुराणा, कर्मचारी नेता

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