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स्वैच्छिक तबादले के बाद शिक्षकों के पद खाली, गड़बड़ाई शिक्षण व्यवस्था

Akram Khan

Publish: Sep 20, 2019 17:45 PM | Updated: Sep 20, 2019 17:45 PM

Ratlam

स्वैच्छिक तबादले के बाद शिक्षकों के पद खाली, गड़बड़ाई शिक्षण व्यवस्था

रतलाम। मध्य प्रदेश के अनंतिम छोर पर बसा सुखेड़ा का शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय इन दिनों नाम मोटा व दर्शन खोटा की कहावत को चरितार्थ कर रहा है। कहने को तो सुखेडा शाउमावि शासकीय 7 मिडिल व 19 प्रायमरी के साथ 5 अशासकीय स्कूल का संकुल बना रखा है। यह स्कूल चार स्थायी व अतिथि शिक्षक के भरोसे चल रहा है।

इस स्कूल में 314 बालक व 241 कन्याओं के साथ 555 विद्यार्थी अध्ययनरत है। प्रदेश में कांग्रेस सरकार के बाद स्वैच्छिक स्थानांतरण की नीति के कारण सुखेडा शाउमावि से प्राचार्य राजेन्द्र कुमार बोस के साथ गणित विषय की ममता डोडिया व अंग्रेजी विषय की प्रिया जैन, व्यायाम शिक्षक पृथ्वीराज सिंह राठौर के स्थानांतरण के बाद अभी तक कोई भी शिक्षक नहीं आया है। इससे शिक्षण व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। इस बारे में प्रभारी प्राचार्य महेन्द्र गोयल ने बताया की सभी विषय को लेकर 22 का स्टाफ होना चाहिए किंतु वर्तमान में 4 स्थायी व 12अतिथि शिक्षकों के साथ स्कूल का संचालन किया जा रहा है जब संकुल केन्द्र के बारे में ऑपरेटर के साथ लिपिक के बारे में जानकारी पूछने पर बताया कि एक लिपिक जरूर है पर काम को देखते हुए एक लिपिक की और आवश्यकता है। आपरेटर को लेकर कई जवाब नही दे पाए जबकि हर काम आंनलाइन होने पर भी स्कूल में ऑपरेटर की पोस्ट नहीं है। इस स्कूल के आस पास बाउंड्रीवाल भी नहीं होने से स्कूल परिसर में आवारा पशुओं के साथ निजी वाहन मालिकों द्वारा चार पहिया वाहन खड़े कर दिए जाते हैं । वहीं इस स्कूल के अधिकांश कक्ष बारिश में टपक रहे है। समय रहते स्कूल की सुध नहीं ली गई, तो रतलाम जिले में बेहतर परिणाम देने वाले इस स्कूल का रिज़ल्ट शिक्षक के अभाव में गड़बड़ा जाएगा।