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suicide: आखिर ऐसी क्या थी मजबूरी...मौत को लगाया गले

Satyendra Porwal

Publish: Aug 06, 2019 19:01 PM | Updated: Aug 06, 2019 19:01 PM

Ranchi

अपराधी ने पुलिस क्वार्टर में की आत्महत्या। धरा गया था बेलबुनी गांव में डकैती की योजना बनाते। जांच में जो भी मिलेंगे दोषी होगी कार्रवाई।

(दुमका). झारखण्ड के दुमका जिले के शिकारीपाड़ा थाने के पुलिस क्वार्टर में हिरासत में लिए गए एक अपराधी ने आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार आशीष टुडू और उसके साथी को पुलिस ने सोमवार शाम शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के बेलबुनी गांव में लूट और डकैती की योजना बनाते वक्त गिरफ्तार किया था। दोनों को पूछताछ के लिए थाने के पुलिस क्वार्टर में रखा गया था, जहां आशीष ने अपने ही गमछे से फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस घटना की जांच में जुटी है। पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश ने शिकारीपाड़ा थाना पहुंच कर तहकीकात की।

पूरी जांच प्रक्रिया की हुई वीडियोग्राफी
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के गाइडलाइंस के अनुरूप पूरी जांच की प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई गई है। दंडाधिकारी और पुलिस अधीक्षक खुद घटना की जांच कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों अपराधी लूट और डकैती में पहले से संलिप्त थे। पाकुड़ सहित दुमका जिले में लूट और डकैती कांड में वह जेल जा चुका था। फिलवक्त थाना प्रभारी सत्येंद्र नारायण सिंह से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण की मांग की गई है। जांच के बाद जो भी दोषी होंगे, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आशीष की नहीं थी मानसिक स्थिति ठीक
इधर, आशीष टुडू की पत्नी ललिता मरांडी ने कहा कि उसका पति साल भर पहले भी जेल गया था। उसकी इन दिनों मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी।

अन्त भला नहीं होता
अपराध का अन्त बुरा ही होता है। जब कोई इंसान अपराध जगत में उतरता है, तो फिर उसका अन्त भला नहीं होता है। हालांकि आशीष आत्महत्या के इस मामले में पुलिस इस जांच में जुटी है कि आखिर ऐसी क्या मजबूरी रही कि अपराधी को पुलिस क्वार्टर में ही यह कदम उठाना पड़ा।