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झारखंड में नीतीश को नहीं मिलेगा ‘तीर’ का सहारा

Nitin Bhal

Publish: Aug 24, 2019 22:21 PM | Updated: Aug 24, 2019 22:21 PM

Ranchi

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड को झारखंड में ‘तीर’ का सहारा नहीं मिलेगा। भारतीय निर्वाचन आयोग ने झारखंड मुक्ति मोर्चा ...

रांची. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ( Nitish Kumar ) और उनकी पार्टी जनता दल यूनाइटेड ( JD-U ) को झारखंड में ‘तीर’ का सहारा नहीं मिलेगा। भारतीय निर्वाचन आयोग ने झारखंड मुक्ति मोर्चा ( JMM ) की ओर से दिए गए आवेदन के आधार पर झारखंड में जनता दल यूनाइटेड के चुनाव चिह्न तीर को सिंबल के रूप में आवंटित नहीं करने का निर्णय लिया है। झामुमो के केंद्रीय प्रवक्ता सह महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि झामुमो का चुनाव चिह्न तीर-धनुष है। एेसे में दोनों चुनाव चिह्न में समानता रहने के कारण बिहार में चुनाव के दौरान आयोग ने झामुमो को चुनाव चिह्न तीर-धनुष का सिंबल देने से यह कहते हुए मना कर दिया था कि बिहार में जदयू मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल है।

इसी आधार पर पार्टी की ओर से आयोग से यह अपील की गई थी कि झारखंड में जदयू को तीर का चिह्न नहीं दिया जाए। भट्टाचार्य ने बताया कि जब बिहार में उनकी पार्टी को तीर-धनुष चुनाव चिह्न देने से मना कर दिया गया था, तब पार्टी की ओर से यह बताया गया था कि झामुमो की स्थापना एकीकृत बिहार में हुई थी, इसलिए मान्यता रद्द नहीं की जाए।

बताया भाजपा की राजनीतिक चाल

झारखंड में नीतीश को नहीं मिलेगा ‘तीर’ का सहारा

भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि भाजपा की एक सोची-समझी चाल थी कि जदयू को झारखंड में लाकर चुनाव लड़ाया जाए, ताकि तीर-धनुष और तीर चुनाव चिह्न को लेकर जनता दिग्भ्रमित हो और झामुमो के वोटों का बंटवारा हो, लेकिन भाजपा का यह मंसूबा अब पूरा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष हेमंत सोरेन द्वारा झारखंड परिवर्तन यात्रा की शुरुआत की जा रही है, आगामी चुनाव में झारखंड से भाजपा का पूरी तरह से सफाया हो जाएगा।