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एक ऐसा आदर्श गांव जिसकी कल्पना ही की जा सकती है...

Yogendra Yogi

Publish: Oct 20, 2019 19:52 PM | Updated: Oct 20, 2019 19:52 PM

Ranchi

सिर्फ सरकार के भरोसे बैठे रहने से समस्याओं का समाधान ढूंढने वालों के लिए झारखंड का एक छोटा सा गांव ओरमांझी आदर्श साबित हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास भी ग्रामीणों के जज्बे का लोहा मान गाए।

रांची(रवि सिन्हा ): सिर्फ सरकार के भरोसे बैठे रहने से समस्याओं का समाधान ढूंढने वालों के लिए झारखंड का एक छोटा सा गांव ओरमांझी आदर्श साबित हो सकता है। इस गांव के ग्रामीणों ने गांव के समेकित विकास की ऐसी लौ लगाई कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास भी ग्रामीणों के जज्बे का लोहा मान गाए। कुछ अर्से पहले तक यह गांव भी देश के अन्य गांवों की तरह ही ऐसा ही गांव था, जहां पीने के पानी की कमी, गंदगी का अंबार, सड़क-बिजली की समस्या, नशे का कारोबार सहित कई समस्याओं से ग्रसित था, लेकिन ग्रामीणों में ऐसे जोश जागा कि गांव की तकदीर ही बदल दी।

राजधानी से २२ किमी दूर है यह गांव
झारखंड की राजधानी रांची से करीब 22 किलोमीटर दूर ओरमांझी प्रखंड का आरा-केरम गांव में पिछले पांच वर्षों में सामाजिक सहभागिता से अद्धभुत सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। एक-डेढ़ दशक पहले पहाड़ी से होकर बहने वाली डम्बा नदी आरा और केरम गांव वालों के लिए बड़ी वरदान थी, लेकिन कुछ वर्ष पहले वनों की अंधाधुंध कटाई से और पूरे इलाके में पर्यावरण को पहुंचे नुकसान के कारण यह नदी सूख गयी। पहाड़ी नदी के सूखने के साथ ही गांवों में अवस्थित कुंआ का जलस्तर पर भी काफी नीचे चला आ गया। लेकिन डेढ़-दो वर्ष के प्रयास से ही सकारात्मक बदलाव आने लगा, न सिर्फ यह मृत नदी पुनर्जीवित हो गई।

पीएम ने सराहना की,सीएम ने मनोबल बढ़ाया
नशामुक्ति, स्वच्छता और जल संरक्षण के लिए ग्रामीणों की ओर से किये गये इस सामूहिक प्रयास की सराहना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आकाशवाणी से प्रसारित अपने 'मन की बातÓ कार्यक्रम में कर चुके है। वहीं मुख्यमंत्री रघुवर दास भी खुद इस गांव का कई बार भ्रमण कर चुके है।

जलस्तर बढ़ा-वृक्षारोपण मेें जुटे ग्रामीण
वन रक्षा समिति के अध्यक्ष रमेश बेदिया ने इस वर्ष गर्मी के दौरान लगातार डेढ़-दो महीने तक श्रमदान कर पहाड़ पर 700 स्थानों पर एलबीएस (लूज बोल्डर स्ट्रक्चर, पानी को रोकने के लिए अवरोधक) का निर्माण कराया गया। इससे कुंओं का जलस्तर बढ़ गया। आरा-केरम गांव में अगले साल 2500 पेड़ लगाने के लिए ग्रामीण सामूहिक श्रमदान से अभी से तीन गुणा तीन फीट का गड्ढा खोद रहे है, ताकि यह ट्रेंच अगले साल बारिश के मौसम के लिए पौधरोपण के लिए पूरी तरह से तैयार हो सके।

घर का पानी घर में रोकने के लिए अभियान
इस अभियान के तहत गांव के सभी घरों के आगे चार गुणा तीन फीट के गड्ढे का निर्माण कराया गया है, जिसमें घर से बाहर निकलने वाले पानी संरक्षित किया जा रहा है। इसके साथ ही बारिश में सड़क बहने वाले पानी का भी काफी हद तक संरक्षण संभव हो सका।

अमृत मिट्टी का निर्माण
ग्रामीणों ने जैविक खेती को अधिक से अधिक बढ़ावा देने के लिए अमृत मिट्टी का निर्माण भी कर रहे है। अमृत मिट्टी सूखे पत्तों, गुड़ और गोबर तथा गोमूत्र की सहायता बनाया जाता है।

लाउडस्पीकर से आवाज देकर सफाई
आरा गांव के बीचों-बीच चैक पर एक पोल पर बंधे लाडडस्पीकर से आवाज देकर हर सुबह चार बजे बच्चों और उनके अभिभावकों को जगाया है। बच्चे जागने और नित्यक्रम के बाद पढ़ाई में जुट जाते है, वहीं पूरे गांव में एक साथ झाड़ू लगाकर साफ-सफाई का अभियान चलाया जाता है।

नशामुक्त गांव
ग्रामीण हर वृहस्पतिवार को बैठक कर चल गांव में चल रही योजनाओं पर चर्चा करते है। आरा-केरम गांव की पहचान नशामुक्ति अभियान के लिए पूरे राज्य में होने लगी है।

श्रमदान और नशाबंदी बनी पहचान
आरा-केरम गांव में न सिर्फ नशाबंदी है, बल्कि यह गांव श्रमदान के लिए भी अपनी विशेष पहचान बनाने में सफल हुआ है। नशाबंदी के अलावा लोटा बंदी यानी खुले में शौच से यह पूरी तरह से मुक्त है, वहीं चराई बंदी पर भी गांव में जबर्दस्त आपसी सहमति है। जलावन के लिए लकड़ी के उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। उज्ज्वला योजना के तहत घर-घर एलपीजी रसोई गैस सिलेंडर पहुंचने से ग्रामीणों की परेशानियां दूर हो गयी है।

खेती,पशुपालन पर भी विशेष बल
यह गांव न सिर्फ जल संरक्षण, स्वच्छता और नशामुक्ति के लिए ही प्रसिद्धि हासिल कर रहा है,बल्कि अत्याधुनिक टपक सिंचाई और जैविक खेती के लिए प्रसिद्ध हो रहा है। गांव के किसान अत्याधुनिक उपकरणों की सहायता से खेती कर रहे है, खेती के साथ-साथ पशुपालन की सहायता से अपनी आय में बढ़ोत्तरी के प्रयास में जुटे है।

स्ट्रीट लाईट के साथ ही पेवर्स ब्लॉक से सड़क निर्माण
आरा-केरम गांव में अब सभी घरों में बिजली पहुंच चुकी है, वहीं मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार गांव में स्ट्रीट लाईट की सुविधा के साथ ही पेवर्स ब्लॉक से सड़क का निर्माण कराया जा रहा है, ताकि बारिश में सड़कों पर बहने वाला पानी भी जमीन के अंदर जा सके।