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83 केसों में फंसे आजम खान के पद छोड़ने से खाली हुई सीट पर 21 अक्टूबर को होगा चुनाव

Iftekhar Ahmed

Publish: Sep 21, 2019 14:06 PM | Updated: Sep 21, 2019 14:06 PM

Rampur

  • आजम पर 80 से ज्यादा केस दर्ज होने के बाद रामपुर में होगी सपा ने परीक्षा
  • रामपुर से आखिलेश यादव की पत्नी डिंपल के चुनाव लड़ने की है संभावना
  • रामपुर का दौराकर अखिलेश यादव इस सीट की बता चुके हैं अहमियत

रामपुर. महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के साथ ही उत्तर प्रदेश में विधानसभा उपचुनाव की तारीखों का एलान भी कर दिया गया है। भारतीय चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश की 11 सीटों के लिए विधानसभा उपचुनाव के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है। इसके मुताबिक 21 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश की 11 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव के लिए मतदान होगा। ये वे सीटें हैं, जो विधायकों के सांसद बनने के बाद खाली हो गई थी। उत्तर प्रदेश में जिन सीटों पर विधानसभा उपचुनाव होना है, वह है मानिकपुर (चित्रकूट), जैदपुर (बाराबंकी), बलहा (बहराइच), टूंडला (अलीगढ़), लखनऊ कैंट, प्रतापगढ़ सदर, गोविंदनगर (कानपुर), रामपुर सदर, इगलास (हाथरस), घोसी और जलालपुर (अंबेडकरनगर) सीटें हैं। खास बात ये है कि जो 13 सीटें विधायकों के सांसद वनने से खाली हुई है, उन 13 विधानसभा सीट में से 10 सीटें बसपा के कब्जे में थी।

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दरअसल, रामपुर से समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पार्टी के मुस्लिम चेहरा माने जाने वाले आजम खान 2019 लोकसभा चुनाव में रामपुर संसदीय सीट से सांसद पहुच चुके हैं। इसके बाद उन्होंने विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके सात ही रामपुर विधानसभा सीट खाली हो गई थी, जहां उपचुनाव की तारीख का एलान हो गया है। सूत्रों की मानें तो आजम खान अपनी रामपुर विधानसभा सीट से सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव को चुनाव लड़ाना चाहते हैं। बताया जाता है कि इसके लिए बाकायदा उन्होंने सपा मुखिया अखिलेश यादव को प्रस्ताव भी दे चुके हैं। हालांकि, यह कहा जा रहा है कि अखिलेश यादव ने इस पर अभी हामी नहीं भरी है। यह भी बताया जा रहा है कि डिंपल को आजम खान जिताने की पूरी गारंटी ले रहे हैं।

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प्रत्याशियों के लिए जरूरी निर्देश
उपचुनाव की तारीख का ऐलान के साथ ही चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया पर भी आचार संहिता के दौरान नजर रखी जाएगी। वहीं, उम्मीदवारों को अपने हथियार जमा करने होंगे। इसके साथ ही उम्मीदवारों के खर्च पर भी निगरानी के लिए पर्यवेक्षक भेजे जाएंगे। सभी प्रत्याशियों को आपराधिक मामले की जानकारी देनी होगी। चुनाव आयोग ने कहा कि EVM और VVPAT की पर्ची का मिलान किया जएगा।