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CAA Protest: रामपुर में हिंसक प्रदर्शन के बाद बोले आजम खान, अंग्रेजों के जुल्म याद आ गए

Rahul Chauhan

Publish: Dec 21, 2019 19:36 PM | Updated: Dec 21, 2019 19:38 PM

Rampur

Highlights:

-उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुई हिंसा में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है

-वहीं इस कड़ी में शनिवार को रामपुर (Rampur Violence) में भी हिंसा भड़क गई

-जिसमें उग्र हुए प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और पुलिस पर पथराव किया

रामपुर। नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में देशभर में हिंसक प्रदर्शन (Violent Protest) हो रहा है। उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुई हिंसा में एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं इस कड़ी में शनिवार को रामपुर (Rampur Violence) में भी हिंसा भड़क गई। जिसमें उग्र हुए प्रदर्शनकारियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और पुलिस पर पथराव किया। जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया। वहीं मौके पर फायरिंग भी हुई। जिसमें एक युवक की मौत की खबर है। वहीं इस घटना के बाद अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं।

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आजम बोले- अंग्रेजों के जुल्म याद आ गए

सासंद आजम खान ने लिखित बयान में कहा कि एक इंसानी जान की हलाकत और जख्मी हुए लोगों को मौजूद सरकारी नीति की बर्बरता बताते हुए कहा है कि अंग्रेजों के जुल्म याद आ गए। हर तरफ हो रही पुलिस की बर्बता की कड़ी निंदा करता हूं। ईदगाह इबादत का स्थान है। जहां अमन के अलावा किसी चीज का बसेरा नहीं होता। ऐसा क्या हुआ कि अमन और शांति का प्रतीक रामपुर को खून और जान की कुर्बानी देनी पड़ी। गुजरे एक साल से हालात की बिगाड़ने की कोशिश बराबर हो रही थी।

उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली किसी से भी छिपी नहीं है। हैरत है हालात बदतर होते जा रहे हैं और अब हालात को सुधारने का प्रयास नहीं। ये सवाल प्रतिष्ठा का नहीं, देश और देशवासियों की चिंता का है। किसी वतनपरस्त की बदनियत पर भरोसा करना पाप है। जो कहें मैं हिंदुस्तानी हूं वो हिंदूस्तानी हैं। एनआरसी की बस इतनी ही शर्ते होनी चाहिए। एक नई आजादी की पहल है। जिसे संयम और लोकतांत्रिक तरीकों से ही लड़ा जाएगा। सभी वर्गों से भाईचारा एंव संयम रखने की अपील करता हूं।

पूर्व सांसद बोलीं- कानून हाथ में न लें लोग

नवाब घराने से पूर्व सांसद रहीं बेगम नूरबानो साहिबा ने कहा कि इस घटना की निंदा करती हूं। लोगों से अपील करती हूं धैर्य रखें और संयम बरतें। साथ ही कानून को हाथ में लेने की कतई कोशिश न करें। रामपुर हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब का शहर रहा है। लेकिन, अब उसकी फिजा खराब करने की कोशिश की गई। जिसकी जितनी निंदा की जाए कम है। पुलिस को चाहिए उसके असल गुनाहगारों को पकड़कर उनके किए की सजा जरूर दिलाएं।

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उलेमाओं ने की शांति की अपील

शहर मुफ्ती महबूब मियां ने जिले की जनता से अपील की और घटना स्थल पर जाकर लोगों से कहा कि आप कभी कानून को हाथ में नहीं लेंगे। आज जो भी घटना घटी है मैं उसकी निंदा करता हूं। साथ ही एक मौलाना फरद जमाली ने कहा कि मैं जनता से अपील करता हूं कि बेवजह सड़कों पर न निकलें और कानून को हाथ में लेने की कोशिश न करें।

डीएम बोले- जल्द उपद्रवियों को भेजेंगे सलाखों के पीछे

डीएम आंजनेय कुमार ने कहा कि जिन्होंने रामपुर में हिंसा फैलाई वो लोग बाहरी थे। छोटे-छोटे मासूम बच्चों को आगे कर दिया और अपने मंसूबों में कामयाब हो गए। उन्हें किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस प्रशासन सारी वीडियो को खंंगाल रही है और पता लगाने में जुटी है कि उपद्रवी कहां-कहां से आए थे और कहां छुपे हैं। बहुत जल्द उनको गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। रामपुर की फिजा जिन्होंने भी खराब की है उनपर शिकंजा कसने के लिए हमारी टीमें लगातार काम कर रही हैं और रणनीति तैयार कर रही हैं। बहुत जल्द उन्हें पकड़कर सलाखों के बीछे भेजा जाएगा। मैं जनता से अपील करता हूं धैर्य बनाए रखें, संयम से काम लें औऱ कानून को कभी हाथ में न लें। हम मौलानाऔं और उलेमाओं से भी बात कर रहे हैं ताकि कल को किसी तरह की घटना न हो।

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