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राजसमंद में Tourist विभाग अस्तित्व में ही नहीं, फिर भी अधिकारी कार्यरत

Laxman Singh Rathore

Publish: Jul 19, 2019 22:33 PM | Updated: Jul 19, 2019 22:33 PM

Rajsamand

धरातल तो क्या, कागजों में भी नहीं
- पर्यटन सूचना केन्द्र नाथद्वारा की अजब कहानी

लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद

सरकारी दफ्तर में अधिकारी-कार्मिक नहीं होने की समस्या तो आए दिन सामने आती रहती है, लेकिन अधिकारी हो और विभाग ही अस्तित्व में न हो, तो फिर क्या किया जाए। कुछ ऐसा ही मसला राजसमंद पर्यटन विभाग का है, जिसका धरातल पर नामोनिशान नहीं और न ही कागजों में कोई अस्तित्व है। फिर भी साढ़े चार साल से सहायक पर्यटन अधिकारी राजसमंद में कार्यरत है।
यह अजब कहानी है पर्यटन सूचना केन्द्र नाथद्वारा की, जिसके नाम पर सहायक पर्यटन अधिकारी सुजीत जोशी राजसमंद में सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय में ड्यूटी दे रहे हैं। वर्ष 2014 में मुख्यमंत्री बजट घोषणा में राजसमंद में पर्यटन विभाग खोलने की घोषणा हुई, जबकि फरवरी 2015 में सहायक पर्यटन अधिकारी के रूप में सुजीत जोशी राजसमंद में पहुंच गए। पर्यटन विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक न तो पर्यटन सूचना केंद्र नाथद्वारा के कार्यालय का गठन हुआ और न ही ढ़ांचागत पद, बजट स्वीकृत हुए। पर्यटन सूचना केंद्र नाथद्वारा में न तो पद है और न ही उनका वेतन तथा कार्यालयी खर्च के लिए भी कोई बजट नहीं है। विभाग ने विधिवत कार्यालय का गठन ही नहीं किया, जिससे विभाग की आईडी ही जनरेट नहीं हो पाई। यह गंभीर गड़बड़ी सामने आने पर पर्यटन उप निदेशक उदयपुर ने 10 जनवरी 2019 को अतिरिक्त निदेशक (प्रशासन) पर्यटन निदेशालय जयपुर को पत्र भेजा, जिसमें राजसमंद में पर्यटन सूचना केन्द्र का विधिवत गठन कर आईडी जनरेट करने की मांग गई। विभागीय आईडी के साथ डीडीओ कोड (आहरण वितरण प्रभार) सृजन के लिए लिखा गया। फिर भी अब तक राज्य सरकार स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।


ऐसा होता है जिला स्तर पर कार्यालय
पर्यटन तीन ढ़ांचों में है। क्षेत्रीय पर्यटन कार्यालय होता है, जो संभागीय मुख्यालय पर है। इसके अलावा पर्यटक स्वागत केन्द्र है, जो जयपुर, भरतपुर सरीखे बड़े जिलों में है। इसी तरह पर्यटन सूचना केंद्र का दफ्तर है, जो छोटे जिलों में है। हर कार्यालय में उप निदेशक, सहायक पर्यटन अधिकारी, पर्यटन अधिकारी के अलावा लेखा, मंत्रालयिक कार्मिकों के पद सृजित है। यह जरूर हो सकता है कि पद सृजित है, मगर कार्मिकों की अपर्याप्तता के चलते कई जगह पद रिक्त है।


फिर जगी कार्यालय की उम्मीद
विधायक किरण माहेश्वरी ने विधानसभा में प्रश्न किया कि राजसमंद में पर्यटन विभाग का कार्यालय खुले। इस पर पर्यटन मंत्री विश्वेन्द्रसिंह ने सहमति जताते हुए नाथद्वारा में चल रहे पर्यटन सूचना केंद्र को राजसमंद में खोलने के आदेश पारित किए। अब सवाल उठ रहा है कि क्या पांच साल से हवा में पर्यटन कार्यालय ही हवाहवाई होकर राजसमंद आएगा अथवा विधिवत कार्यालय खोलेगा, जिसमें अधिकारी, कार्मिकों के पद सृजित होंगे।


अस्तित्व में नहीं विभाग
हां, राजसमंद में विधिवत पर्यटन सूचना केंद्र नहीं खुला और न ही आईडी जनरेट हुई। इसके लिए जनवरी माह में सरकार को लिखा गया। अब तक पर्यटन विभाग अस्तित्व में नहीं है। राजसमंद में कार्यरत सहायक पर्यटन अधिकारी की मूलत: पोस्टिंग उदयपुर में ही है।
शिखा सक्सेना, उप निदेशक क्षेत्रीय पर्यटन विभाग उदयपुर