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गढबोर में राजस्थान का सबसे बड़ा जलझूलनी मेला, ठाकुरजी की स्नानयात्रा में उमड़े हजारों लोग

Laxman Singh Rathore

Publish: Sep 09, 2019 16:27 PM | Updated: Sep 09, 2019 16:27 PM

Rajsamand

चारभुजानाथ की स्नानयात्रा में देशभर से आए हजारों लोग
- ठाठ बाट से निकला सोने का शाही बेवाण

लक्ष्मणसिंह राठौड़ @ राजसमंद

जलझूलनी एकादशी (Jal Jhulni ekadashi) पर गढबोर (Charbhuja) स्थित भगवान चारभुजानाथ मंदिर से शाही लवाजमे के साथ सोने का बेवाण ठाठ बाट से निकाला गया। ठाकुरजी के दर्शनों के लिए देश के विभिन्न अंचलों से हजारों की तादाद में श्रद्धालु उमड़ पड़े। अल सुबह चार बजे से ही छौगाला छेल के जयकारों की गूंूज अद्र्धरात्रि तक फिजां में गूंजती रही। इस दौरान मंदिर से ठाकुरजी की बेवाणयात्रा के मार्ग में आने वाले गली, मोहल्लों की सडक़ें गुलाल अबीर से सराबोर हो गई।

गढ़बोर में चारभुजानाथ मंदिर में सुबह से ही लोग दर्शन के लिए कतारबद्ध हो गए। ठाकुरजी के मंगला दर्शनों से ही धर्मनगरी छोगाला छैल के जयकारों से गूंज उठी। यह आस्था की गूंज दिनभर हर शख्स के मन को एकाग्रता के साथ हर पल के जयकारे के संगान के प्रति उत्सकता बढ़ा रही थी। ठीक दोपहर 12 बजे मंदिर से रवाना हुई शाही स्नानयात्रा ठीक 2 बजे दूध तलाई पहुंची, जहां तलाई में खड़े श्रद्धालुओं ने अपने हाथ से तलाई के पानी की बौछार कर ठाकुरजी को स्नान कराया। इसके बाद दूध तलाई के दूसरे किनारे पर ठाकुरजी को अल्पविश्राम के दौरान अफीम (अमल) का भोग धराने की रस्म निभाई गई। यहां चारभुजानाथ को शुद्ध जल से स्नान कराया गया। दूध तलाई की परिक्रमा करते हुए ठाकुरजी का बेवाण विभिन्न मार्गों से होकर शाम 5 बजे मंदिर पहुंचा। बेवाण के आगे गुर्जर समुदाय के पुजारियों के साथ श्रद्धालु थाली- मादल, ढोल नगाड़ें के धूम धड़ाके के साथ थिरकते चल रहे थे। इस बीच चारभुजानाथ के जयकारों की बौछार आमजन में स्फूर्ति और खुशी का अहसास करा रही थी। मेले में राजस्थान के साथ मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, इंदौर, सूरत और मुंबई के साथ विभिन्न अंचलों से हजारों में श्रद्धालु पहुंचे।

jal jhulni ekadashi mela charbhuja at rajsamand