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सावन के झूले पड़े, दर्शन को उमड़ा सैलाब

Laxman Singh Rathore

Publish: Jul 19, 2019 17:33 PM | Updated: Jul 19, 2019 17:33 PM

Rajsamand

चांदी के हिंडोलने में झूले निधि स्वरूप

नाथद्वारा. आराध्य प्रभु श्रीनाथजी मंदिर में सावन मास के प्रारंभ होने के साथ ही गुरुवार को हिंडोलना के दर्शन प्रारंभ हो गए। पहले ही दिन सैंकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन का लाभ लिया। आराध्य प्रभु श्रीनाथजी को इस अवसर पर विशेष शृंगार धराया गया। लाल रंग के पिछोड़े की सेवा के साथ पीले ठाड़े वस्त्र एवं श्रीमस्तक पर पाग पर मोरपंख चन्द्रिका एवं शृंगार के अनुरूप हीरा पन्ना माणक आदि रत्नों के आभूषण भी सुशोभित कराये गए। ठाकुरजी को धराये शृंगार के साथ तिलकायत पुत्र विशाल बावा ने आरती उतारी।
भोग आरती में हिंडोलना के दर्शन
सावन मास की शुरुआत बुधवार को हो जाने के बाद गुरुवार को हिंडोलना के प्रथम दर्शन शुभ मुहूर्त में स्थापित करने के बाद प्रारंभ किए गए। ऐसे में डोल तिबारी में चांदी के हिंडोलने में निधि स्वरूप मदनमोहनजी को बिराजित कर झूलाया गया । श्रद्धालुओं को आराम से दर्शन हो इसके लिये हिंडोलना कमल चौक में भी स्थापित किया गया जहां पर निधि स्वरूप मदनमोहनजी को पधराकर हिंडोलने में झूलाया गया, वहीं निधि स्वरूप लाड़ले लालन निज मंदिर के बाहर स्थित चबूतरे पर सजाए चांदी के हिंडोलने में बिराजित कर झूलाया गया। इस दौरान तिलकायत पुत्र विशाल बावा ने दोनों स्थानों पर निधि स्वरूपों को झूलाया एवं आरती भी उतारी। ठाकुरजी के इन विशेष दर्शनों का लाभ लेने अपार जन सैलाब उमड़ा जिससे सायंकाल साढ़े ५ बजे खुले दर्शन एक घंटे से भी अधिक समय तक खुले रहे । इन दर्शनों को महिला एवं पुरूषों को अलग अलग प्रवेश देकर खेवा पद्धति से सम्पन्न हुए। हिंडोलना के दर्शन पूरे सावन मास तक जारी रहेंगे।

बरसात के लिए बच्चे कर रहे शिवधुन का गान
आईडाणा. क्षेत्र में खुशहाली एवं बरसात की कामना को लेकर राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय आक्या के विद्यार्थी श्रावण माह की प्रतिपदा से नियमित शिवधुन का गायन कर रहे हैं। प्रभारी शिक्षक जीएल चौधरी ने बताया कि प्रार्थना सभा के बाद रोजाना शिव धुन का गायन वाद्य यंत्रों के साथ किया जा रहा है। शिवधुन का गान क्षेत्र की खुशहाली एवं अच्छी बरसात के लिए किया जा रहा है। शिवधुन का गायन पूरे श्रावण मास चलेगा। इस दौरान संस्था प्रधान भंवरसिंह चुण्डावत, सुरेन्द्र सिंह, गोकुलराम, जितेन्द्र कुमार आदि शिक्षक भी अपनी ओर से आहुति दे रहे हैं।