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10 दिन में देनी थी रिपोर्ट, डेढ़ माह से आदेश ही दबा बैठे हैं

Aswani Pratap Singh

Publish: Sep 19, 2019 12:26 PM | Updated: Sep 19, 2019 12:26 PM

Rajsamand

स्कूलों में मिलने वाले अन्नपूर्णा दूध योजना में दूध की जांच कर रिपोर्ट भेजने का मामला

राजसमंद. स्कूलों में मिलने वाले अन्नपूर्णा दूध की जांच को लेकर सरकार के आदेशों को दबाने का मामला सामने आया है। करीब डेढ़ माह पहले मिड-डे-मील योजना आयुक्तालय ने शिक्षा विभाग को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से दूध के सैम्पल लेकर 10 दिन के अंदर रिपोर्ट भेजने के आदेश दिए थे लेकिन जिम्मेदार आदेश ही दबा गए और आजतक एक भी स्कूल के सैम्पल नहीं लिए गए।

यों चल रहा टालमटोल
मिड-डे-मील योजना अतिरिक्त आयुक्त हेम प्रभा ने 7 अगस्त 2019 को प्रदेश के सभी जिला शिक्षाधिकारियों को आदेश जारी किया। आदेश में उन्होंने अन्नपूर्णा दूध योजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक जिले के 10 स्कूलों के दूध सैम्पल लेकर जांच करवाने के आदेश दिए ताकि दूध की गुणवत्ता का आंकलन किया जा सके। आदेश में स्पष्ट रूप से लिखा गया कि लिए गए सैम्पल जांच की सूचना 10 दिनों के अंदर आयुक्तालय को भेजी जाए। यानि 17 अगस्त तक सूचना भेजनी थी, लेकिन राजसमंद में जिला शिक्षाधिकारी प्रारम्भिक द्वारा 19 अगस्त को सीएमएचओ को पत्र भेजकर सैम्पलिंग करवाने को कहा गया। सीएमएचओ ने 19 अगस्त को जांच के लिए विभाग के एफएसओ को पत्र प्रेषित किया। इस पर एफएसओ ने सीएमएचओ के माध्यम से २६ अगस्त को पुन: जिला शिक्षाधिकारी को पत्र भेजकर सैम्पलिंग के लिए 10 स्कूल चिह्नित कर लिस्ट भेजने को कहा, लेकिन आजतक लिस्ट नहीं मिली। हालांकि शिक्षा विभाग लिस्ट तुरंत ही भेजने की बात कह रहा है।


दस स्कूलों के नमूने
आदेश के अनुसार प्रदेश के प्रत्येक जिले से दस स्कूलों के सैम्पल लेने हैं, जिसमें से दो स्कूल जिला मुख्यालय के होंगे, चार उपखंड मुख्यालय और चार ग्रामीण क्षेत्रों के होंगे।

पत्रिका ने उठाया मुद्दा तो मची हलचल
स्कूलों में अन्नपूर्णा दूध योजना के तहत विद्यार्थियों को दिए जाने वाले दूध की गुणवत्ता को लेकर राजस्थान पत्रिका ने 10 सितम्बर के अंक में 'लैक्टोमीटर के भरोसे तंदुरूस्त हो रहा राजस्थानÓ खबर प्रकाशित कर लैक्टोमीटर से की जा रही जांच पर सवाल उठाए, जिसके बाद विभाग सहित आलाधिकारियों में हलचल शुरू हुई।


नहीं दी लिस्ट
अन्नपूर्णा दूध योजना के सैम्पल लेने के आदेश आए हैं, लेकिन शिक्षा विभाग ने हमें कोई स्कूल चिह्नित नहीं किए। ऐसे में हम कौन से स्कूल के सैम्पल ले और कौन से के नहीं लें। हमने शिक्षाविभाग को सैम्पलिंग वाले स्कूलों के नाम की लिस्ट मांगी है, जैसे ही लिस्ट मिल जाएगी हम सैम्पलिंग शुरू करेंगे।
रमेश सैनी, खाद्य निरीक्षक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग

सैम्पलिंग तो नहीं हुई है, लेकिन हमने चिकित्सा विभाग को तुरंत ही स्कूल चिह्नित कर लिस्ट दे दी थी।
सोहन रेगर, डीईओ, प्रा., राजसमंद