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पीएस को पत्र लिखा, अभियोजन स्वीकृति के बाद होगी गिरफ्तारी

Rajesh Kumar Vishwakarma

Publish: Dec 14, 2019 17:11 PM | Updated: Dec 14, 2019 17:11 PM

Rajgarh

- मामला जीवित लोगों को मृत बताने का
- पुलिस की विवेचना में प्रकरण, कलेक्टर के माध्यम से राजस्व प्रमुख सचिव को लिखा पत्र

ब्यावरा. नरसिहंगढ़ ब्लॉक के बोड़ा थाने हुलखेड़ी गांव में जीवित व्यक्तियों को मृत बताकर नामांतरण करने वाले ब्यावरा तहसीलदार का प्रकरण प्रमुख सचिव को भेजा गया है। जिला प्रशासन ने अभियोन स्वीकृति लेकर पत्र पीएस के पास पहुंचाया है, वहां से आदेश आने के बाद गिरफ्तारी होगी।

दरअसल, करीब ढाई साल पुराने मामले में तमाम साक्ष्य आ जाने और प्रकरण साबित हो जाने के बावजूद एक आरोपी फरार है और नामांतरण पर टिप लगाने वाले तत्कालीन तहसीलदार एआर चिरामन ब्यावरा में पदस्थ है। पुलिस का मामले में तर्क है कि विवेचना जारी है, किसी भी शासकीय ऑफिसर्स पर दोष सिद्ध हो जाने के बाद भी अभियोजन स्वीकृति लेना होती है।

यह मिलने के बाद ही कार्रवाई आगे बढ़ती है। हालांकि ढाई साल में यह क्यों नहीं पाया यह समझ से परे है। तत्कालीन कलेक्टर कर्मवीर शर्मा के समय इस कार्रवाई के निर्देश दिए थे, तब से लकर अभी तक मामला दबा रहा। हां, आम आदमी पर होता तो निश्चित ही वह जेल जा चुका होता लेकिन ब्यूरोकेट्स आरोपी बनने के बाद मामला स्वत: ही ठंडा पड़ गया।

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बता दें कि हुलखेड़ी गांव की 50 बीघा कब्जे की जमीन का नामांतरण पटवारी और तहसीलदार ने षडय़ंत्रपूर्वक कर दिया था। मामले में जब मूल जमीन मालिकों ने कलेक्टर से शिकायत की थी तो नरसिंहगढ़ थाने में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद से पांच आरोपी जेल में है, एक अंतरसिंह फरार है, नामांतरण करने वाले पटवारी की मौत हो चुकी है और तहसीलदार ब्यावरा में है। पुलिस ने फिलहाल राजस्व पीएस को कलेक्टर के माध्यम से पत्र लिखा है।

हमने लेटर लिखा है
किसी भी सरकारी ऑफिसर पर कार्रवाई के लिए हमें अभियोन स्वीकृति लेना जरूरी होता है। यह तभी हम लेते हैं जब दोष सिद्ध हो जाते हैं। हमने कलेक्टर के माध्यम से पीएस राजस्व को पत्र लिखा हुआ है, वहां से जवाब आने के बाद गिरफ्तारी और तमाम प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- प्रदीप शर्मा, एसपी, ब्यावरा

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