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टैक्स चोरी कर ब्यावरा से राजस्थान ले जा रहे थे सोयाबीन, उडऩदस्ते ने पकड़ा, पांच गुना पैनाल्टी, समझौता शुल्क भी वसूला

Rajesh Kumar Vishwakarma

Publish: Dec 13, 2019 11:27 AM | Updated: Dec 13, 2019 11:27 AM

Rajgarh

-मंडी बोर्ड के फ्लाइंग स्क्वॉड ने की कार्रवाई
-फ्लाइंग स्क्वॉड उडऩ दस्ते ने ब्यावरा से पीछा कर टोल प्लॉजा के पास पकड़ा, फिर राजगढ़ मंडी को सौंपा

ब्यावरा. मंडी बोर्ड के फ्लाइंग स्क्वॉड उडऩदस्ते ने टैक्सी चोरी कर ब्यावरा से राजस्थान ले जाई जा रही दो 407 वाहन में 90 क्वींटल सोयाबीन पकड़ी। बुधवार रात ब्यावरा से पीछा कर राजगढ़ रोड पर टोल प्लॉजा के पास उक्त वाहनों (एमपी39जी0615 और एमपी09जीई7120) को पकड़ लिया। दोनों पर पांच गुना टैक्स वसूली के साथ ही समझौता शुल्क भी वसूला गया है।


दरअसल, ब्यावरा मंडी से बिना टैक्स चुकाए इंदौर नाका, ब्यावरा के खेरची व्यापारी अनिल गुप्ता की सोयाबीन दो गाडिय़ों में ले जाई जा रही थी। मंडी बोर्ड की उडऩदस्ता टीम ने मंडी बोर्ड अधिनियम के तहत 45-45 क्वींटल पर पांच गुना टैक्स 27, 150 रुपए वसूला। साथ ही समझौता शुल्क भी एक-एक हजार रुपए लिए गए। मंडी बोर्ड की टीम ने गाडिय़ां जब्त कर राजगढ़ उप-मंडी को सौंप दी गई, जिस पर खुजनेर मंडी प्रबंधन ने कार्रवाई की। बताया जाता है कि राजस्थान में ऊंचे दाम में सोयाबीन बेचने के फेर में बिना टैक्स चुकाए व्यापारी अपनी गाढ़ी कमाई के चलते इसी तरह सोयाबीन सहित अन्य उपज का परिवहन करते हैं।

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टैक्स के साथ जीएसटी में दर्शाना पड़ती है सोयाबीन, इसलिए चोरी
जानकारी के अनुसार सोयाबीन जीएसटी के स्लैब में भी आती है, जिसे संबंधित व्यापारी को दर्शाना होता है। ऊपर से आम तौर पर लगने वाले टैक्स के कारण व्यापारी बीच का रास्ता निकालते हैं और मंडी के ही कर्मचारियों से सांठ-गांठ कर गाडिय़ां निकाल देते हैं। सोयाबीन दलहन में आता है, ऐसे में यह जीएसटी के दायरे में आता है और टैक्स भी नियमानुसार चुकाना ही होता है, इसीलिए व्यापारी इसमें कायस्तानी करते हैं।


ब्यावरा मंडी कर्मचारियों पर रुपए लेकर छोडऩे का आरोप
सूत्रों के अनुसार यह पहला मौका नहीं है जब राजस्थान की ओर सोयाबीन बिना टैक्स चुकाए जा रही हो। आम दिनों में भी कालीपीठ-मनोहरथाना रूट और मप्र के ही अन्य जिलों में मंडी के कर्मचारियों को कुछ रुपए देकर गाडिय़ां निकाल दी जाती है, जिससे सरेआम मंडी को बड़े स्तर पर चूना लगाया जाता है। बड़े व्यापारियों के साथ ही छोटे खेरची व्यापारी भी इस तरह की हेर-फेर कर शासन को सीधे तौर पर नुकसान चूना लगाते हैं।


सवालों के घेरे में उडऩ दस्ता, आखिर किसका इंतजार किया पांच घंटे?
जानकारी के अनुसार शाम साढ़े सात बजे पकड़ लिए गए उक्त वाहनों पर कार्रवाई करने में मंडी बोर्ड की टीम को पांच घंटे का समय लग गया। सूत्रों की मानें तो काफी देर तक कुछ नेताओं के फोन आते रहे, कुछ हस्तक्षेप भी लोगों ने किए। लेकिन बाद में रात करीब 11 बजे कार्रवाई की गई और मंडी बोर्ड की टीम ने गाडि़य़ां राजगढ़ मंडी को सौंपकर टीम रवाना हो गई। मंडी बोर्ड की टीम में प्रभारी राकेश व्यास और ओ. पी. रघवंशी आए थे।

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व्यापारियों का आरोप- अवैध वसूली भी करते हैं उडऩदस्ते वाले
इधर, व्यापारियों ने दबी आवाज में पत्रिका को बताया कि उक्त उडऩदस्ते वाले हर दिन अवैध वसूली करते हैं। पहले ये लोग गाडिय़ां पकड़ते हैं फिर उनसे समझौता करने के लिए रुपयों की मांग करते हैं, यदि बात नहीं बन पाती तो केस बना देते हैं। ऐसा लंबे समय से चल रहा है। सूत्रों के अनुसार उक्त टीम महीनेभर यहां घूमती है फिर चुनिंदा केस ही क्यों बन पाते हैं? और वे भी मीडिया तक क्यों नहीं पहुंचते? इसके पीछे फ्लाइंग स्क्वॉड टीम के जिम्मेदारों की मिलीभगत को कारण बताया जा रहा है।
दो गाडिय़ों को पकड़ा
45-45 क्वींटल सोयाबीन भरकर दो वाहनों में ले जाई जा रही थी, सूचना मिलने पर हमारी टीम पहुंची और गाडिय़ों को टोल प्लॉजा से पकड़कर राजगढ़ मंड़ी के सुफुर्द कर दिया। इससे पहले हमें मंडी कर्मचारियों का इतंजार करना पड़ा, इसलिए समय लगा।
-राकेश व्यास, उडऩदस्ता प्रभारी, मंडी बोर्ड, भोपाल
सीधी-बात, रितु चौहान, डीएस, मंडी बोर्ड, भोपाल
सवाल- मेडम, आपकी टीम टैक्स चोरी पकडऩे जाती है लेकिन उन पर ही लेन-देन के आरोप हैं?
जवाब : मैं दिखवाती हूं, ऐसा नहीं हो सकता, वे तो केस मंडियों को देकर आ जाते हैं।
सवाल- महीने में इतनी बार उडऩदस्ता जिले में पहुंचता है फिर चुनिंदा कार्रवाई ही क्यों हो पाती है?
जवाब : हम उनसे मंथली रिपोर्ट मांगते हैं, उसमें जो आता है उसका कारण पूछते हैं, मंडियों से भी रिपोर्ट लेते हैं।
सवाल- खुलकर तो नहीं लेकिन दबी आवाज में व्यापारियों ने आरोप लगाया कि जो पैसे दे देते हैं उनके केस नहीं बनते बाकियों के बन जाते हैं?
जवाब : ऐसा संभव तो नहीं है लेकिन फिर भी यदि शिकायत है तो मैं बात करती हूं कि आखिर उडऩदस्ता टीम काम क्या कर रही है।

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