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एसएनसीयू एक रेडियंट वार्मर पर मिले तीन बच्चे, दीवारों पर फंगस और प्रसूताओं के लिए नही थी टॉयलेट

Bhanu Pratap Thakur

Publish: Dec 09, 2019 16:39 PM | Updated: Dec 09, 2019 16:39 PM

Rajgarh

- कस्तूरबा छात्रावास की हालत देख भी दिखाई थी नाराजगी...

राजगढ़। जिला पंचायत के सभाकक्ष में सुबह नौ बजे से बाल संरक्षण आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष की मौजूदगी में एक बैठक और कार्यशाला का आयोजन किया गया।

जिसमें ऐसे बच्चे जिन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं और जेजे एक्ट के तहत मिलने वाली सुविधाओं की आवश्यकता है, उस पर चर्चा की गई। साथ ही स्कूल, महिला बाल विकास, और स्वास्थ्य से जुड़े बच्चों के मुद्दों पर भी बात हुई। यह कार्यशाला अभी जारी हैA

निरीक्षण में ये मिला था-

वहीं इससे पहले आयोग की आठ सदस्य टीम जिले में दो दिन पहले ही पहुंच गई और अलग-अलग जगह का निरीक्षण टीम के माध्यम से किया गया। जिसमें शनिवार को जहां नरसिंहगढ़ और उसके आसपास के क्षेत्र में सदस्य रंजनीकांत यादव और शाइस्ता के शाह द्वारा निरीक्षण किया गया।

वहीं रविवार को सुबह से ही जिला मुख्यालय पर स्थित अस्पताल में टीम पहुंची और उन्होंने एसएनसीयू वार्ड के साथ ही प्रसूति वार्ड का निरीक्षण किया। यहां एसएनसीयू वार्ड में एक ही रेडिएंट वार्मर पर दो से तीन बच्चे देख वे अचंभित रह गए।दीवारों पर फ ंगस जमी हुई थी और जो प्रसूति वार्ड के पास एसएनसीयू होना चाहिए वह करीब 500 मीटर दूर मिला। ऐसे में जो महिलाएं अपने बच्चे को फ ीडिंग कराने के लिए पहुंचती हैं।

उन्हें खासी परेशानी होती है इतना ही नहीं उन महिलाओं के लिए एसएनसीयू वार्ड के पास कोई टॉयलेट भी नहीं है, जिसको लेकर आयोग की टीम ने जमकर नाराजगी व्यक्त की और इस मामले को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तक पहुंचाने की बात कही।

यहां उन्होंने जब मेटरनिटी वार्ड का निरीक्षण किया तो वहां भी कोई महिला चिकित्सक नहीं मिली। जिसको लेकर उन्होंने आज होने वाली बैठक में इस मुद्दे को लाने की बात कही है। उन्होंने कहा कई तो ऐसे विभाग हैं जिन्हें आयोग का मतलब ही नहीं पता। ऐसे में वे यहां किस तरह काम कर रहे हैं और बच्चों को अधिकार दिलाने में उनकी क्या भूमिका है यह समझ में आ जाता है। इसके अलावा दो निजि अस्पतालों के निरिक्षण में कइ कमियां मिली। जिस पर उन्होने कहा कि इन्हे संचालन की मान्यता कैसे मिल रही।

छात्रावास में इससे अच्छा तो न होता टायलेट
बाल संरक्षण आयोग की टीम अस्पताल के बाद बालिका छात्रावास पहुंचे। यहां उन्होंने छात्रावास में व्यवस्थाओं को लेकर काफ ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा न तो छात्रावास में साफ. सफाई मिली और न ही बच्चों को दिए जाने वाली सुविधाएं वहां पर थी।

उन्होंने कुछ ऐसे मुद्दों पर भी बात की जो बालिका छात्रावास में बहुत ही जरूरी होती है। लेकिन वह सामग्री छात्रावास में नहीं मिलने से उन्होंने मौजूद स्टाफ को फ टकार भी लगाई। यहां उन्होंने कहा जिस तरह की टॉयलेट छात्रावास में थी। यदि वहां न भी होती तो ज्यादा अच्छा होता। इतनी गंदगी कहीं नहीं देखी इस मामले में उन्होंने आज बैठक के दौरान शिक्षा विभाग के अधिकारियों के सामने रखने की बात कही है।

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