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शिकायत हुई थी अधिक दामों पर खाद बेचने की, मौके पर पहुंचे तो लाइसेंस भी नहीं था विक्रेता के पास

Bhanu Pratap Thakur

Publish: Dec 09, 2019 16:46 PM | Updated: Dec 09, 2019 16:46 PM

Rajgarh

नायब तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर सील किया गोडाउन...

राजगढ़। यूरिया को लेकर लगातार मारामारी चल रही है। कभी गोडाउन पर किसानों की भीड़ उग्र हो रही है, तो कभी हाईवे जाम किए जा रहे हैं। इतना ही नहीं दो दिन पहले ब्यावरा में ट्रक को लूटने का प्रयास किया गया और जीरापुर में तहसील कार्यालय ही किसानों द्वारा घेर लिया गया। प्र

शासन यूरिया की कालाबाजारी को रोकने और हर किसान को खाद मिल सके इसके लाख प्रयास कर रहा है। इसी बीच कालीपीठ से नया मामला सामने आया जहां किसानों ने यूरिया के निर्धारित दामों की तुलना में अधिक पैसों में इसे बेचने का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट में शिकायत दर्ज कराई।

जिसके बाद नायब तहसीलदार सचिन भारद्वाज जांच करने कालीपीठ पहुंचे। यहां जब उन्होंने अधिक दाम में यूरिया बेचने का कारण दुकानदार कृष्णा साहू से पूछा तो मैं कुछ भी नहीं बता सका। यहां जब खाद बेचने का लाइसेंस मांगा तो वह भी विक्रेता के पास नहीं था। गहराई में जब पहुंचे तो पता लगा कि साहू राजस्थान से लाकर मध्य प्रदेश के कालीपीठ गांव में यूरिया बेच रहा है। ऐसे में नायब तहसीलदार ने कृष्णा साहू के गोडाउन पर को सील कर दिया है। मामले में जांच जारी।


क्यो चुप है कृषि विभाग
खाद की मारामारी को लेकर जहां जिला प्रशासन लगातार व्यवस्थाएं बनाने में लगा हुआ है। वहीं यदि कृषि विभाग की बात करें तो उनकी कार्यप्रणाली पर कई तरह के सवाल उठते हैं। जहां पहले खिलचीपुर में ब्लैक मार्केटिंग की शिकायत के बाद भी उन्होंने इस मामले की जानकारी कलेक्टर को देने की बात कहते हुए मामले को टाल दिया। वहीं गांव गांव में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं जहां अवैध तरीके से खाद का विक्रय चल रहा है। उसके बाद भी कृषि विभाग के माध्यम से किसी प्रकार की कार्रवाई देखने को नहीं मिल रही है। जबकि विभाग के कर्मचारी हर गांव और क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।

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