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जानें कैसे गेहूं में पानी मिलाकर वजट बढ़ा रहे वेयर हाउस के अधिकारी, देखें वीडियो...

Rajesh Kumar Vishwakarma

Publish: Nov 17, 2019 12:13 PM | Updated: Nov 17, 2019 12:13 PM

Rajgarh

-वेयर हाउस कॉर्पोरेशन का कारनामा, शासन को चूना लगा रहे सीधा चूना
-पत्रिका एक्सक्लूसिव
-गुना रोड स्थित मूंदड़ा वेयर हाउस में पहले भी सामने आई थी शिकायत, इसके बाद भी नहीं हो पाई थी कार्रवाई
-सोसायटियों मे अधिक वजन के कट्टे निकले तो सामने आई चालाकी, पानी से वजन बढ़ा रहे और कारण में घुन व नमी दर्शा रहे

ब्यावरा. जिलेभर की सोसायटियों में वेयर हाउस कॉर्पोरेशन के माध्यम पहुंचे पीडीएस के गेहूं के मामले में एक बड़ी धांधली सामने आई है। यहां भेजे जाने वाले 50 किलो के गेहूं के कट्टे में पानी मिलाकर पहले उसका वजन बढ़ाया दिया जाता है और बचे हुए हजारों क्वींटल गेहूं से जिम्मेदार अधिकारियों, अफसरों और कर्मचारियों की चांदी हो जाती है।


दरअसल, वेयर हाउस में दो साल पहले के रखे गेहूं में वहीं के कर्मचारी जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत से कीट से बचाने वाले स्प्रे के नाम पर पहले पानी छिड़कते हैं, फिर उसमें नमी दर्शाकर मनमाना वजन बढ़ा देते हैं। ऐसी हरकत तमाम सोसायटियों में जाने वाले लाखों क्वींटल गेहूं में की जाती है, जिससे लाखों क्वींटल गेहूं की हेरफेर वेयर हाउस कॉर्पोरेशन द्वारा की जाती है।

बावजूद इसके जिला प्रशासन सहित विभाग के ही आला अधिकारी इस बड़ी गड़बड़ी से अनजान है। ताजा मामला गुना रोड स्थित मूंदड़ा वेयर हाउस से सोसायटियों में पहुंचाए गए गेहूं का सामाने आया है, इसमें शासन की तय 50 किलो की पैकिंग की कट्टियां भेजी गई लेकिन जब इनका मिलान केंद्रों पर किया गया तो वजन किसी में 53 तो किसी में 52,200 तो किसी में 52,500 तक निकली। इससे साफ तौर पर वेयर हाउस की गड़बड़ी सामने आ गई, 50 किलो के कट्टे में पानी डालकर वजन बढ़ा दिया और केंद्रों तक पहुंचा दिया। बाकी बचे हुए से विभागीय जिम्मेदारों की चांदी हो गई।

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वेयर हाउस वाले स्प्रे और नमी के नाम पर करते हैं गुमराह
शासन से अधिकृत इसी मूंदड़ा वेयर हाउस पर करीब सालभर पहले भी पानी मिलाने की शिकायत हुई थी जिस पर भोपाल तक के अफसरों ने दौरा किया था लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने बड़ी चतुराई से उसमें कीटनाशक, घुन से बचाने के लिए किए जाने वाले स्प्रे के नाम पर जांच रिपोर्ट तक को खत्म करवा दिया था। लंबे समय से बड़े स्तर पर की जा रही इस गड़बड़ी प्रशासन अंकुश नहीं लगा पाया है। महज स्प्रे और नमी के नाम पर वरिष्ठ अधिकारियों को सीधे तौर पर गुमराह किया जाता है।


बड़ा सवाल : वेयर हाउस में था फिर आखिर नमी कैसे आई?
वजन बढऩे और नमी के पीछे वेयर हाउस कॉर्पोरेशन का तर्क है कि गेहूं में नमी है, साथ ही घुन के कारण एक प्रतिशत वजन बढ़ जाता है। वहीं, रखे-रखे भी गेहूं में नमी आ जाती है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि पिछली बार (2018-19) सोसायटियों से खरीदा गया गेहूं वेयर हाउस में तमाम एहतियात के बावजूद कैसे खराब हो गया या नमी आ गई? या फिर नमी आई भी तो किसी जगह विशेष पर आई होती, पूरे वेयर हाउस में नमी कैसे आ गई?

लगभग सभी सोसायटियों में पहुंचे गेहूं के ऐसे ही हालात हैं, लेकिन जिम्मेदार इसे मानने को तैयार नहीं है। वहीं, इसका जवाब भी कोई नहीं दे पा रहा है कि जिस गेहूं में नमी के कारण अब वजन बढ़ा है वही गेहूं महीनों तक खरीदी केंद्रों पर खुले में पड़े रहने के दौरान आखिर कम क्यों नहीं होता? और वह उस दौरान खराब क्यों नहीं होता, यहां तमाम एहतियात के बावजूद कैसे खराब हो जाता है? इन तमाम सवालों ने वेयर हाउस कॉर्पोरेशन की काम को सवालों के घेर में ला दिया है।

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पानी के साथ मिट्टी और वेस्ट मटेरियल से भी करते हैं कटौती
सोसायटियों तक पहुंचने वाले गेहूं में पानी के साथ-साथ मिट्टी और वेस्ट मटेरियल से भी कटौती की जाती है। हाल ही में भेजे गए गेहूं की यह गड़बड़ी ब्लॉक के चाठा, खुरी, पारसाना, खनौटा, तलावली, मोया, बारवां आदि जगह सामने आई है। यहां के सेल्समैनों ने यह गड़बड़़ी भी साफ तौर पर पकड़ी है। नारायणसिंह सौंधिया, इंदरसिंह लोधी, राधेश्याम दांगी, सुरेश चंद्रवंशी सहित अन्य ने बताया कि हमारे यहां 50 किलो की पैकिंग आई लेकिन किसी में 53 तो किसी में 52 तो किसी में 51 किलो तक वजन आ रहा है।


मिट्टी से कर दी कटौती
कुल लॉट में से आखिरी तीन कट्टियों में 50 की बजाए 20 से 30 किलो ही गेहूं निकले, जिनमें भी काफी मिट्टी थी, जिससे सीधे तौर मूल गेहूं की कटौती की गई है।
- हेमराज यादव, सेल्समैन, तलावली


पानी से बढ़ा लिया वजन
स्प्रे तो बहाना मात्र है वेयर हाउस वालों ने पानी डालकर इसमें वजन बढ़ा दिया और हमारे यहां भेज दिया है। हर कट्टे में दो से तीन किलो अधिक वजन निकला है।
- इंदरसिंह लोधी, सेल्सलैन, खनौटा-पारसाना


कोई भर्ती ज्यादा की आ जाती है
कोई बोरे ज्यादा के चले जाते हैं, नमी भी आ जाती है और घुन भी। इसकी जांच भी हुई, जहां तक सेल्समैन की बात है तो वे खुद खड़े रहकर तुलवाएं। जिला अधिकारी ने जांच भी की है, खुद आकर देख लें। इनका ट्रांसपोर्टरों का कोई मामला है, ये लोग जबरन वेयर हाउस पर आरोप लगा रहे हैं।
- नरेश तोमर, जिला प्रबंधक, वेयर हाउस कॉर्पोरेशन, राजगढ़ (ब्यावरा)